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टैंकर पलटते ही सड़क पर बहने लगा एसिड, फिर हुआ ये..

Ajay Kumar Paliwal

Publish: Sep 15, 2019 18:10 PM | Updated: Sep 15, 2019 18:10 PM

Khandwa

गनीमत रही एसिड बहकर खरखली नदी के रास्ते बैक वाटर में नहीं मिला

बीड़. (खंडवा) सिंगाजी ताप परियोजना में हाइड्रोक्लोरिक एसिड लेकर जा रहा टैंकर डीएम प्लांट के पास मोड़ में पलट गया। इसमें 35 हजार लीटर एसिड भरा हुआ था। इस दौरान एसिड सड़क पर बहने लगा जिसे मिट्टी से रोका व कास्टिक चूना डालकर सामान्य किया गया। घटना शनिवार दोपहर 3 बजे की है। शाम 8 बजे तक टैंकर को निकालने की मशक्कत जारी रही।

नागदा की लेंसेक्स कंपनी का टैंकर क्रमांक पीबी-11 बीआर-8044 हाइड्रोक्लोरिक एसिड लेकर पहुंचा। सड़क के मोड़ पर टैंकर किनारे सड़क धंसने के कारण अलग हो गया। घटना के बाद सड़क पर ही एसिड का रिवास होने लगा। सूचना मिलते ही परियोजना में हड़कंप मच गया। रसायन टीम मौके पहुंची और साइलो के पास मिट्टी और चूना डालकर एसिड के रिसाव को रोका गया। गनीमत रही कि यह बहकर आगे नहीं जा पाया अन्यथा खरखली नदी के रास्ते बैक वाटर में मिलकर नुकसान पहुंचा सकता था। चार महीने पहले बायलर सफाई के दौरान जंगरोधक पानी नदी में मिलने से कई मछलियों को सांस लेने में परेशानी के कारण दम तोड़ दिया था। इसके बाद जिम्मेदार जागे थे।

बायलर पहुंचने वाले पानी को करता है शुद्ध
सिंगाजी ताप परियोजना में जैसे बिजली उत्पादन के बाद निकलने वाली राख को मुफ्त में दिया जाता है। इसी तरह नागदा में बड़ी संख्या में बनने वाले हाइड्रोक्लोरिक एसिड को बहुत कम कीमत में दिया जाता है। यहां ताप परियोजना में इसका उपयोग बायलर तक पहुंचने वाले पानी को शुद्ध करने में किया जाता है। लेकिन टैंकर पलटने और इसे सामान्य अवस्था में लाने के मिलाने वाले कास्टिक एक टन की कीमत करीब 40 हजार है।