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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति पर करें कार्रवाई

Riyaz Sagar

Publish: Jan 29, 2020 13:39 PM | Updated: Jan 29, 2020 13:39 PM

Khandwa

-पोषण आहार वितरण में हो रही अनियमितताओं की हो जांच

-साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
-रोगी कल्याण समिति की बैठकों को भी नियमित करने को कहा
खंडवा. निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में अनुपस्थित पाई गई कार्यकर्ताओं और केंद्र में पोषण आहार वितरण न होने की शिकायतों की जांच की जाए। जांच के दौरान दोष सिद्ध होने पर कार्यकर्ता का वेतन काटने की कार्रवाई की जाए। साथ ही उस क्षेत्र की सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो। ये निर्देश सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए।
उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास अंशुबाला मसीह से कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय माह की 5 तारीख तक उनके खाते में जमा हो जाए, यह सुनिश्चित किया जाएं। उन्होंने शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे बड़े विभागों के स्थापना व लेखा शाखा के लिपिकों की शाखाओं के प्रभार बदलने के निर्देश भी बैठक में दिए। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर नंदा भलावे कुशरे को निर्देश दिए कि अमानक व मिथ्याछाप खाद्य पदार्थों के प्रकरणों में समय समय पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रतिदिन 2-2 प्रकरण तैयार कर सेंपल जांच के लिए प्रयोगशालाओं को भेजने की हिदायत भी दी।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने अपने क्षेत्र के शासकीय अस्पतालों में रोगी कल्याण समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित करें। समिति के पास उपलब्ध राशि से मरीजों की सुविधा के लिए विकास कार्य कराते रहे, ताकि मरीजों को कम से कम असुविधा हो। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि जिले में जितने भी संस्थागत प्रसव हो उन सभी प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिलाया जाए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केेद्रों व अस्पतालों में महिलाओं व बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की भी समीक्षा करें। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ रोशन कुमार सिहं से कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा वे नियमित रूप से विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर करें, ताकि गंभीर बीमारियों से पीडि़त बच्चों का उपचार समय पर हो सके।

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