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Pneumonia Day नवजातों की हो रही मौत , पीडि़त बच्चों से भरा है पीडियाट्रिक वार्ड

deepak deewan

Publish: Nov 12, 2019 10:27 AM | Updated: Nov 12, 2019 10:27 AM

Khandwa

नवजातों की हो रही मौत

खंडवा. जिले के ज्यादातर नवजात खतरनाक निमोनिया से पीडि़त हो रहे हैं। इससे ग्रसित ज्यादातर बच्चों की हालत इतनी गंभीर रहती है कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। जिला अस्पताल में आनेवाले निमोनिया पीडि़त 80 फीसदी नवजातों को भर्ती करना पड़ रहा है। अस्पताल का पीडियाट्रिक वार्ड निमोनिया पीडि़तों से ही भरा पड़ा है। डाक्टर्स के मुताबिक, जिले में निमोनिया का प्रकोप अन्य जगहों की तुलना में कुछ ज्यादा है।

फेफड़ों में हो जाता है इंफेक्शन
सामान्यत: सर्दी-खांसी से ही इसकी शुरुआत होती है। समय पर उचित इलाज नहीं कराने पर यह बीमारी गंभीर हो जाती है जो कि जानलेवा बन जाती है। इसमें फेंफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है। इससे बच्चों को सांस लेेने में दिक्कत होती है और उनके शरीर में आक्सीजन की कमी भी हो
जाती है।


जानलेवा होता है बैक्टीरियल निमोनिया
मेडिकल कालेज के डॉ. सौमित्र सेठिया बताते हैं कि निमोनिया मूलत: फेफड़ों में संक्रमण का रोग है। दो वजहों से होता है- वायरल और बैक्टीरियल। वायरल निमोनिया की स्थिति में एंटीबायोटिक दवाएं देकर जल्द नियंत्रण कर सकते है। हालांकि बैक्टीरियल निमोनिया बेहद खतरनाक होता है। जल्द ही नेबुलाइजेशन व आक्सीजन नहीं मिलने पर नवजात की जान भी जा सकती है।


नवजातों की हो रही मौत , पीडि़त बच्चों से भरा है पीडियाट्रिक वार्ड
- खंडवा जिले में न्यूमोनिया का प्रकोप ज्यादा है। जिला अस्पताल में आनेवाले अधिकांश नवजात दूर-दराज के क्षेत्रों से आते हैं और इन्हें तभी यहां लाया जाता है जब स्थिति गंभीर हो जाती है। हमारे वार्ड सालभर न्यूमोनिया से पीडि़त नवजातों से ही भरे रहते हैं।
डॉ. प्रमिला वर्मा, एचओडी, पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट मेडिकल कॉलेज खंडवा

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