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पंचक्रोशी यात्रियों को नाव से नर्मदा पार कराई

Ajay Kumar Paliwal

Publish: Nov 10, 2019 18:36 PM | Updated: Nov 10, 2019 18:36 PM

Khandwa

चाक-चौबंद व्यवस्था रही, दूसरे पड़ाव टोकसर पहुंचे यात्री


सनावद . ओंकारश्वर से शुरू हुई पांच दिवसीय नर्मदा पंचक्रोशी यात्रा दूसरे पड़ाव में पहुंची, जिसके तहत ग्राम टोकसर से नर्मदा पार कराने का कार्य शनिवार शाम तक चलता रहा। शाम 6 बजे तक करीब 20 हजार यात्रियों को नर्मदा पार उतारा गया।
शुक्रवार को भी दो हजार यात्रियों को नर्मदा पार उतारा गया था। यहां प्रशासन द्वारा 35 नावों के जरिए यात्रियों को नर्मदा पार करवाकर ग्राम सेमल्ला छोड़ा जा रहा है। एसडीएम मिलिंद ढोके, एसडीओपी शैलेंद्र श्रीवास्तव, तहसीलदार रंजना पाटीदार, नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल, टीआई राजेन्द्र सोनी, कृषि विस्तार अधिकारी बीएस सेंगर, सरपंच धनगिर गोस्वामी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन के बाद यहां होमगार्ड जवान सहित पुलिस और सीआईएसएफ के जवान भी अपनी सेवाएं दे रहे।
गुरुजी हुए शामिल
नर्मदा पंचक्रोशी यात्रा के दौरान टोकसर मार्ग पर रेहटगांव से जयगुरुदेव राजेश बिल्लोरे अपने अनुयायियों के साथ इस यात्रा में शामिल हुए। भक्त रेखा नामदेव के निवास पर रुकने के बाद सभी लोग सुबह टोकसर के लिए निकले। बिल्लोरे ने बताया विगत 37 वर्षों से मां नर्मदा पंचक्रोशी यात्रा में प्रारंभ की थी। गुरुदेव द्वारा यात्रा में धर्मध्वजा व अनुयायियों के निवास स्थान पर पूजन यज्ञकर्म और प्रवचन में उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक मानव को अपने जीवन को धन्य कल्याणकारी बनाने सदमार्ग पर चलने की बात बताई। उनके साथ महाराष्ट्र, होशंगाबाद, इंदौर, विदिशा सहित अन्य प्रदेशों के बड़ी संख्या में अनुयायी मौजूद थे।
15 रुपए किराया देकर पार उतर रहे यात्री
प्रशासन ने यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 30 से अधिक नावों का इंजताम किया था। इसमें 15 रुपए दर से प्रति यात्री से किराया लिया जा रहा है। 80 पुलिस जवान 40 नगर सुरक्षा समिति सदस्य 40 स्वच्छता स्वयंसेवक और 35 से अधिक सीआइएसएफ के जवान अधिकारियों के साथ व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। सतत सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जा रही हैं। नाव के जरिए यात्रियों को छोडऩे का काम सुबह 6 बजे से शुरू हो गया था। जिसके बाद से शाम 6 बजे तक करीब 20 हजार से अधिक यात्रियों को नर्मदा पार उतारा जा चुका है। सेमल्ला से यात्री अगले दिन यात्रा कर पूर्णिमा पर ओंकारेश्वर में यात्रा संपन करेंगे।

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