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ओएनजीसी की आदिवासी क्षेत्र में तलाश रही ईंधन

Manish Arora

Publish: Dec 14, 2019 12:17 PM | Updated: Dec 14, 2019 12:17 PM

Khandwa

-खालवा ब्लॉक में जगह-जगह मार रहे पाइंट
-जमीन के अंदर विस्फोट कर कैमरे से जुटा रहे जानकारी

खंडवा. विधानसभा हरसूद के खालवा ब्लॉक में तेल एवं गैस होने की संभावनाओं को देखते हुए ओएनसीजी ने क्षेत्र में हलचल तेज कर दी है। ओएनजीसी का विशेष दल पिछले काफी दिनों से रोशनी-पटाजन से लगे क्षेत्र में खोजबीन कर रहा है। ओएनसीजी के राहुल राजपूत ने बताया कि खंडवा जिले के रोशनी-पटाजन क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थ व गैस की तलाश की जा रही है। राजपूत ने बताया कि पहले स्थान का चयन किया जाता है, उसके बाद 60-60 मीटर की दूरी पर 100 से 200 फीट बोरिंग कर ऑयल की जांच की जा रही है। किसी-किसी स्थान पर 90 फीट तक गहरा गड्ढा किया जाता है जिसमें सेंसर लगाकर नियंत्रित कर विस्फोट किया जाता है।
कंपन से जुटाते हैं आंकड़े
ओएनजीसी के राहुल राजपूत ने बताया कि विस्फोट के समय केबल युक्त सेंसर से 15 से 20 किमी क्षेत्र में जो कंपन होता है उससे आंकड़े जुटाए जाते हैं। विस्फोट से उत्पन्न तरंगे धरती के भीतर करीब छह किमी तक जाती है। तरंग भूगर्भ से होकर लौटती है तो इन्हें रिकार्ड किया जाता है। इनमें खनिज, प्राकृतिक गैस, हाईड्रोकार्बन व कच्चे तेल का आंकलन किया जा रहा है। राजपूत ने बताया कि जमीन के अंदर विस्फोट कर कैमरा डालकर 10 हजार फीट नीचे तक का डेटा लिया जाता है। हर एक पाइंट का एक नंबर होता है अगर किसी पाइंट कु्रड ऑयल होने के संकेत मिलते हैं तो उसे निकालकर लेब भेजा जाता है। प्रशासन से अनुमति लेकर एवं भूमि स्वामी की सहमति से बोरिंग कार्य किया जा रहा है। किसी किसान के खेत में फसल लगी है तो उसकी सहमति से मेड पर पाइंट मारा जाता है इस कार्य में जो नुकसान होता है किसान को उसका मुआवजा दिया जाता है।

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