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मरीजों की सेहत पर डाका: नहीं मिल रहा डाइट के अनुसार खाना

Riyaz Sagar

Publish: Aug 21, 2019 18:16 PM | Updated: Aug 21, 2019 18:16 PM

Khandwa

मूंग की बजाय खिला रहे अरहर की दाल, दे रहे पानी जैसा दूध
वार्डों से डाइट चार्ज गायब, मरीज बोले-पेट भरने के लिए मजबूरी में जो मिले खा लेते हैं

खंडवा. जिला अस्पताल में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। शासन द्वारा निर्धारित डाइट चार्ट के अनुसार मरीजों को न तो नाश्ता दिया जा रहा और न ही खाना। इतना ही नहीं मरीजों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता भी मापदंड़ों के मुताबिक नहीं है। आलम यह है कि मरीजों को निर्धारित डाइट चार्ट के अनुसार मंगलवार को दोपहर के भोजन में मूंग की दाल दी जाना चाहिए। लेकिन अस्पताल में अरहर की दाल दी जा रही है। इसके अलावा सुबह दलिए के साथ पानी सा दूध मरीजों को मिल रहा है। वहीं रोटियां किसी मरीज को दो तो किसी को तीन ही दी जाती है। साथ ही यदि मरीज पलंग पर नहीं मिला तो उसे खाना नहीं मिल पाता। मरीजों के अनुसार दाल बहुत पतली रहती है और सब्जी स्वादहीन। मिलने वाली सामग्री से एक व्यक्ति का पेट भी नहीं भरता। वही मेटरनिटी विंग में प्रसूताओं को नियमित डाइट चार्ट के अलावा दिए जाने वाली सामग्री गुड़, मेवा लड्डू कम मात्रा और पपीता शायद ही कभी मिलता हो। स्थितियां देखे तो सवाल यह उठता है कि मरीजों के खाने की गुणवत्ता ऐसी ही रही तो उनकी सेहत कैसे बनेगी?

खाने की गुणवत्ता के अलावा इसे बांटने वाले भी सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं। मरीजों को खाना लेकर पहुंचने वाले कर्मचारियों के हाथों में न तो ग्लब्ज होते हैं और न ही सिर पर टोपी। ऐसे में खाना दूषित होने की संभावना बनी रहती है।
&सामग्री उपलब्ध नहीं होने पर कभी कभार मैन्यू के मुताबिक दाल नहीं दे पाते होंगे। गुणवत्ता में मापदंडों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है तो खाने की गुणवत्ता जांचेंगे।
डॉ. ओपी जुगतावत,
सिविल सर्जन
सलाद में ककड़ी, वह भी कु छ ही मरीजों को
मंगलवार को अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में मरीजों को खाना दिया जा रहा था। यहां पतली दाल। वह भी चार्ट के अनुसार नहीं। साथ ही लौकी, आलू मिक्स सब्जी दी जा रही थी। सलाद में सिर्फ ककड़ी थी। ककड़ी को थाली में रख कपड़े से ढंककर रखा गया था। कैमरा देख मरीजों को सलाद के नाम पर ककड़ी दो से चार टुकड़े दिए गए। वहीं पूर्व में जिन मरीजों को खाना दिया गया उनसे पूछने पर पता चला कि सलाद किसी को नहीं दी है। इसके अलावा किसी मरीज को दो तो किसी को तीन रोटियां दी। ऐसे में ज्यादा रोटियां खाने वाले आधा पेट खाना ही खा पाए। जबकि मरीज को चार रोटी दी जा सकती है। वहीं वार्डों से डाइट चार्ट गायब है तो कुछ में आधे-अधुरे चार्ट टंगे हुए हैं। इससे मरीजों को भी निर्धारित डाइट के खाना की जानकारी नहीं मिलती है।
मरीजों की जुबानी...
भरपेट खाना नहीं
मां कुसुमबाई निवासी चैनपुर फिमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती है। उन्हें पथरी की समस्या है। खाने में दो से तीन ही रोटी दी जाती है। दाल पतली होती है। यदि मरीज को एक रोटी और चाहिए तो नहीं देते। इस कारण आधा पेट खाना ही खाना पड़ता है। डाइट चार्ट क्या है मुझे पता नहीं।
नारायण, चैनपुर
जो मिलता खा लेता हूं
दुर्घटना में पैर टूट गया था। उपचार के लिए पिछले करीब 15 दिन से ट्रामा सेंटर में भर्ती हूं। सुबह नाश्ते में दूध व दलिया मिलता है। मिलने वाले पानी से दूध में शक्कर मिलाकर दलिया खा लेता हूं। जैसा खाना मिलता मजबूरी में खा लेते हैं। नहीं खाया जाता तो रखा रहता है। भारत, मदनी
मनमर्जी बंटता है खाना
मरीजों को नाश्ता, दोपहर व शाम का खाना देने का समय निर्धारित है। चार्ट के अनुसार नाश्ता सुबह 9 से 9.30 बजे तक। दोपहर का खाना 1.30 बजे दोपहर 2 बजे तक, शाम को चाय-बिस्किट दोपहर 3.30 से शाम 4.30 बजे तक और रात का खाना रात 8 से 8.30 बजे तक दिया जाना चाहिए। लेकिन ठेकेदार द्वारा अपनी मनमर्जी के मुताबिक खाना परोसा जा रहा है। दोपहर का खाना 12 से 1 बजे तक वितरित कर दिया जाता है। वहीं रात का खाना शाम 6 से 7 बजे के बीच दे दिया जाता है।
मंगलवार का डाइट चार्ट
नाश्ता:- सुबह 9 से 9.30 बजे तक। सामग्री दूध, टोस्ट अथवा दलिया। मात्रा 250 एमएल दूध।
खाना:- दोपहर 1.30 से 2 बजे तक। सलाद एक कटोरी, रोटी तीन, चार। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरी सब्जी लौकी, तुरई, गिल्की, टमाटर, भिंडी, पालक आदि) एक कटोरी सौ ग्राम। मूंग की दाल और चावल।
नाश्ता:- दोपहर 3.30 से शाम 4.30 तक। चाय एक कप और बिस्किट।
रात का खाना:- रात 8 से 8.30 बजे तक। रोटी तीन से चार नग। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरी सब्जी एक कटोरी। दाल (अरहर, मूंग, खड़ी मूंग)। एक कटोरी तीस ग्राम।

मरीजों की सेहत पर डाका:  नहीं मिल रहा डाइट के अनुसार खाना
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