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ए ग्रेड बरकरार रहना मुश्किल, क्योंकि यहां के कोर्स सिर्फ डिग्री तक सीमित

Ajay Kumar Paliwal

Publish: Sep 18, 2019 18:58 PM | Updated: Sep 18, 2019 18:58 PM

Khandwa

पीयर टीम जब पहुंची कॉलेज के छात्रावास में तो वहां चूल्हे पर लकड़ी जलाकर पानी गर्म करते हुए मिली छात्राएं

खंडवा. जीडीसी के पास ए ग्रेड बरकरार रहेगी या नहीं, ये कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। लेकिन फिलहाल इसमें कुछ आशंका है। रोजगारमूलक की बजाय परंपरागत डिग्री देने तक सीमित वाले कोर्स अधिक होना इसकी सबसे बड़ी बाधा बन सकता है।
नैक पीयर टीम मूल्यांकन के दूसरे दिन मंगलवार को जब कॉलेज के छात्रावास पहुंची तो वहां उन्हें छात्राएं ईंट के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर पानी गर्म करते हुए मिली। ये स्थिति देख नैक पीयर टीम की चेयरपर्सन डॉ. रजनी गुप्ते, डॉ. रंजना अग्रवाल, डॉ. सीएच. मस्तानिया और डॉ. परशुराम केजी हतप्रभ रह गए और उन्होंने कहा कि ऐसा तो आजकल गांवों में भी नहीं होता है। इसके अतिरिक्त 2 हजार छात्राओं वाले कॉलेज में सिर्फ 24 सीटर छात्रावास होने पर भी कमेंट किया। टीम ने 41 समितियों के प्रभारियों से बात की। कॉलेज की भौतिक सुविधाओं जैसे-रैम्प, वेस्ट मैनेजमेंट, सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग को देखा। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की। इसमें ढेर सारे सुझावों के साथ टीम लौटी है। उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रिजल्ट सामने होगा। हाल ही में पड़ोसी कॉलेजों को कमजोर ग्रेड मिली है, जिसमें सनावद को डी, बड़वाह को सी व इंदौर को बी प्लस शामिल है।

तीसरी बार मूल्यांकन, सीजीपीए पर मिलेगी लेटर ग्रेड
जीडीसी के अब तक के इतिहास में ये तीसरी बार नैक मूल्यांकन हो रहा है। पहली बार कॉलेज को बी प्लस ग्रेड मिली थी, जबकि दूसरी बार में कॉलेज ने ए ग्रेड हासिल कर खुद को बेहतर साबित किया। लेकिन 5 साल में मापदंड बदले हैं, अब नई ग्रेड का इंतजार कुछ करना होगा। अब सीजीपीए के आधार पर लेटर ग्रेड इस प्रकार मिलेगी...


चेयरपर्सन बोलीं- स्किल डिवलपमेंट प्रोग्राम शुरू हो
? पीयर टीम का मूल्यांकन कैसा रहा? क्या पाया?
हमने नैक के तय मापदंड के आधार पर कॉलेज में मूल्यांकन किया है। इनके नवाचार क्या हैं और 5 साल में क्या प्रगति की है? ये देखा। इन्हें रूसा के फंड मिले हैं, वल्र्ड बैंक की ग्रांट मिली है, इससे कम्प्यूटर लैब खोला है। 2 हजार छात्राओं को देखते हुए फैकल्टी की कमी है, उसकी पूर्ति होना चाहिए।

? क्या कॉलेज की ए ग्रेड बरकरार रह पाएगी?
कॉलेज को ग्रेड क्या मिलेगी? ये तो नैक से तय मापदंड के हिसाब से तय होगा। हम रिपोर्ट सबमिट कर देंगे। कॉलेज ने जो दस्तावेज दिए हैं, उसके अंक जुडऩा है इसलिए अभी कुछ भी कहना कठिन है।

? कन्या महाविद्यालय में कितनी संभावनाएं पाईं?
सभी डिपार्टमेंट को सजेशन दिए हैं। रिसर्च पर फोकस होना चाहिए। स्किल इंडिया पर ध्यान दें। महिला सशक्तीकरण महत्वपूर्ण है। स्वच्छता पर काम हो। कन्या महाविद्यालय में बहुत संभावनाएं हैं, इसलिए नए प्रोग्राम शुरू करना चाहिए।