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भाई की हत्या की शंका में चाचा सहित परिवार के पांच लोगों की हत्या

Rajiv Jain

Publish: Aug 20, 2019 21:52 PM | Updated: Aug 20, 2019 21:52 PM

Khandwa

चाचा-चाची और तीन चचेरे भाई-बहनों की कुल्हाड़ी से हत्याकर नदी-नालों में फेंका..नदी नालों में मिले तीन अज्ञात शवों की कडिय़ां जोड़ी तो हुआ खुलासा

बड़वानी. बड़े भाई की हत्या के संदेह में दो भाइयों ने मिलकर चाचा-चाची और उनके तीन बच्चों का कत्ल कर साक्ष्य छिपाने के लिए पांचों शव गोई नदी में फेंक दिए। घटना 9 अगस्त को बड़वानी जिले में पाटी के पास निमाडिय़ा फलिया की है। दूसरे दिन दो शव और तीसरे दिन एक शव नदी में मिलने पर पुलिस से पहले बारिश के दौरान बहकर आए शव माना। पर जब कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई तो अंधे कत्ल की जांच करते हुए 11 दिन बाद पांच हत्याओंं के खुलासे तक पहुंची। एक शव सोमवार और दूसरा मंगलवार को मिला। पुलिस ने हत्या के आरोपी चाचिया (21) और सहयोग करने वाले छोटे भाई राकेश (19) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया।
एडीजीपी इंदौर वरुण कपूर ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को पाटी क्षेत्र में बहने वाली गोई नदी में 11 अगस्त को 12 वर्षीय बच्चे का शव मिला, शाम 7 बजे गोई नदी किनारे 10 वर्षीय बच्चे शव और मिला। दोनों शव मिलने के स्थानों में 6 किमी का फासला था। पुलिस ने जांच शुरू की तो दोनों की शिनाख्त भी नहीं हो पाई। इस दौरान 12 अगस्त को बोकराटा नाले के पास महिला का शव मिला। यह स्थान पाटी से 16 किमी दूर था। लगातार बारिश से नदी, नाले उफान पर होने पर पुलिस प्रथम दृष्टया तीनों की मौत दुर्घटना में डूबने से मान रही थी। शव तीन से चार दिन पुराने होने और पानी में बहते रहने से पुलिस का मानना था कि पत्थरों से टकराने से शव क्षत-विक्षत हो सकते हैं।

 

पुलिस ने ऐसे जोड़ी कडिय़ां
तीन शव मिलने के बाद भी किसी ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज नहीं कराई तो पुलिस को मामले में शंका हुई। इसके बाद पाटी-बोकराटा क्षेत्र में कुछ दिन से गायब परिवारों की जानकारी निकालने पर पता चला कि बोकराटा के निमाडिय़ा फलिया में रहने वाला रायसिंह बारेला व उसकी पत्नी किरमा बाई और तीन बच्चे देवसिंह (12), सेवासिंह (10) और बायाबाई (02) गायब है। पुलिस ने कुक्षी में रहने वाले राया के बड़े पुत्र जमादारसिंह को बुलाकर शवों की शिनाख्त कराई। जांच में पता चला कि 9 अगस्त की रात राया के घर से झगड़े की आवाज आ रही थी। राया का भतीजा चाचिया पिता जामसिंह उससे रंजिश रखता था। इसके बाद पुलिस ने चाचिया से पूछताछ की तो साजिश का पर्दाफाश हुआ।

 

Nephew Murdered Five members including Uncle and aunt in Badwani MP
Nephew Murdered Five members including Uncle and aunt in Badwani MP IMAGE CREDIT: patrika

एक-एक कर लेता गया जान
एडीजीपी वरुण कपूर ने बताया कि एक साल पहले निमाडिय़ा फलिया से दो किमी दूर पिपरकुंड पहाड़ी से गिरकर आरोपी चाचिया के भाई छगन की मौत हुई थी। दुर्घटना के समय उसका चाचा राया साथ था। इसके बाद से चाचिया भाई की मौत का कारण चाचा राया को मानता था और उसने बदले की भावना पाल रखी थी। 9 अगस्त की शाम को वो बदला लेने के लिए कुल्हाड़ी और फलिया लेकर चाचा के घर पहुंचा। चाचिया ने कुल्हाड़ी मारकर चचेरे भाई देव और सेवा को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद जैसे ही राया घर आया उस पर भी हमला कर गर्दन काट दी। ये देख राया की पत्नी करमी जान-बचाने के लिए बेटी को लेकर भागी तो चाचिया ने पीछा कर उसे और बाया को भी फलिए से काट डाला।

 

Badwani Murder
IMAGE CREDIT: patrika

सारी रात लगाते रहे शवों को ठिकाने
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चाचिया कुछ दूर स्थित छोटे भाई राकेश को बुलाकर लाया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों भाइयों ने मिलकर सारी रात पांचों शवों को ठिकाने लगाया। चाचिया घटनास्थल से दो किमी दूर भाई की पहाड़ी पर मौत वाली जगह शव ले गया और पास बह रहे नाले में फेंक दिया। दो वर्षीय बायाबाई का शव पास के झरने में डाल दिया। इस दौरान पाटी क्षेत्र में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर थे। आरोपियों को लगा कि शव नाले से बहकर गोई नदी से होते हुए नर्मदा में पहुंच जाएंगे और किसी को पता नहीं चलेगा। पुलिस को दोनों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर बायाबाई के शव के अवशेष भी बरामद हो गए। शव 10 दिन पुराना होने और जलीय जंतुओं के खाने से सिर्फ उसके जबड़े का हिस्सा और कुछ हड्डियां व फ्रॉक मिली। मंगलवार दोपहर बोकराटा नाले से राया का शव भी बरामद कर लिया।

इनाम की घोषणा

मामले को सुलझाने में एफएसएल अधिकारी डीएस बघेल, पाटी थाना प्रभारी संतोष सांवले, एएसआई माया आलावा, एएसआई आशिक खान, रेणुका राठौर, पवन खेडक़र, प्रधानआरक्षक कृष्ण कुमार आर्य, सुरेश पाटीदार, दिलीप की भूमिका सराहनीय रही। एडीजीपी वरुण कपूर ने बताया कि इस तरह के मामले में इतनी जल्दी खुलासा होना संभव नहीं होता। सराहनीय कार्य करने वाली पाटी थाना पुलिस को उन्होंने इनाम की घोषणा भी की। हत्याकांड के खुलासे के दौरान डीआईजी एमएस वर्मा, एसपी डीआर तेनीवार, एएसपी सुनीता रावत भी मौजूद थे।