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रुपए लेने का आरोप लगाने वाले के यहां निगम चला रहा था बुलडोजर, इधर दूसरा व्यापारी बोला- 100-200 रुपए तो दूर एक चाय में बिक जाते हैं आपके कर्मचारी

Amit Jaiswal

Publish: Dec 13, 2019 12:18 PM | Updated: Dec 13, 2019 12:18 PM

Khandwa

किन्नरों को साथ लेकर निकले निगम अमले के साथ फिर हुई बहसबाजी

खंडवा. नगर निगम अमले को स्वच्छता का अलख जगाने के बीच शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ रहा है। एक तरफ आयुक्त के नाम पर 10-20 रुपए लेने का आरोप लगाने वाले व्यापारी के यहां निगम अमला अतिक्रमण पर बुलडोजर चला रहा था तो वहीं दूसरे व्यापारी ने कह दिया- 100-200 रुपए तो दूर एक चाय में बिक जाते हैं आपके कर्मचारी।

किन्नर प्रतिनिधियों को साथ लेकर घंटाघर से होते हुए निगम टीम जब केवलराम चौराहा के आगे पहुंची तो यहां एक व्यापारी के साथ बहस हो गई। जोन प्रभारी मनीष पंजाबी को मेन्स वेयर के व्यापारी ने कहा कि आपके कर्मचारी पॉलीथिन की कार्रवाई में भेदभाव करते हैं। 100-200 रुपए तो दूर आपके कर्मचारी तो एक चाय के ऑफर में ही बिक जाते हैं। यहां करीब 20 मिनट तक बहसबाजी चलती रही। जोन प्रभारी पंजाबी यहां कहते रहे कि स्वच्छता का ध्यान रखना है, गंदगी नहीं फैलाना, पॉलीथिन का उपयोग नहीं करना है, लेकिन व्यापारी अपनी ही धुन में गुस्सा जाहिर करता रहा। कर्मचारी को कहता रहा कि पिछली बार जब पॉलीथिन जब्ती की कार्रवाई की थी तब मैंने 3500 पॉलीथिन दी थी लेकिन निगम के ही कर्मचारी रहमान ने दूसरे व्यापारी को छोड़ते हुए उसकी पॉलीथिन को छिपा दिया था। मैंने तो जबसे ही पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया।

कार्रवाई में भेदभाव का ये आलम
बॉम्बे बाजार में फुटपाथ पर जाम बेचने वाले का 300 रुपए का चालान बनाया गया। यहां पॉलीथिन रखे जाने के लिए जुर्माने की कार्रवाई की गई। जबकि बुधवारा बाजार में गजक के थोक व्यापारी के यहां पॉलीथिन मिलने पर मात्र 100 रुपए का जुर्माना किया गया। इसे लेकर निगम की टीम पर भेदभाव के आरोप लगे हैं।

ये भी जानिए...
- किन्नरों ने ढोल-ढमाकों के साथ नाच-गाकर स्वच्छता का अलख जगाया। गांधीगिरी कर स्वच्छता का संदेश भी दिया।
- कई दुकानों के बाहर फैला कचरा दुकानदारों से उठवाया गया तो वहीं उन्हें ये सीख भी दी गई कि आगे से स्वच्छता का ध्यान रखेंगे।

एक दिन पहले इस तरह हुआ था विवाद
स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के तहत निगम ने पहल करते हुए किन्नर समुदाय को साथ जोड़ा है और बुधवार को इन्हें साथ लेकर स्वच्छता का अलख जगाने की शुरूआत की गई। तभी गोकुल होटल पर विवाद हो गया। यहां व्यापारी ने प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी मो. शाहीन खान से कह दिया कि आयुक्त के नाम पर 10-20 रुपए मांग कर ले जाते हैं, इसलिए मैं जुर्माना नहीं दूंगा।

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