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महज चार साल में 31 लाख रुपए का खाना खा गया यह टीचर

deepak deewan

Publish: Sep 20, 2019 16:39 PM | Updated: Sep 20, 2019 16:39 PM

Khandwa

चार साल में 31 लाख रुपए का खाना खा गया

खंडवा
बुरहानपुर में शासकीय स्कूलों में मिलने वाले मध्याह्न भोजन में बड़ी गफलत सामने आई है। इसके लिए जिला पंचायत से जारी होने वाली राशि में फर्जी दस्तावेज लगाकर 31 लाख रुपए का हेरफेर करने के आरोप में रूमना शाला के बर्खास्त सहायक अध्यापक नितिन तायड़े को पांच साल बाद गिरफ्तार किया गया है। जिला पंचायत अधिकारियों की जांच के बाद कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
कोतवाली थाना प्रभारी जीतेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी सहायक अध्यापक नितिन तायड़े बुरहानपुर जनपद पंचायत की रूमना शाला में पदस्थ रहने के दौरान सन 2010 से लेकर 2014 तक जिला पंचायत से मध्याह्न भोजन के लिए जारी होने वाली राशि में हेरफेर कर रहा था। मध्याह्न भोजन के लिए शालाओं के खातों की जारी होने वाली सूची को बदल कर फर्जी सूची बैंक में जमा कर आरोपी स्वयं की स्कूल के खाते में अधिक राशि ट्रांसफर करता था। जिला पंचायत ने मामले की जांच करने के बाद बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें 31 लाख रुपए गबन मामले का खुलासा हुआ। जिला पंचायत अधिकारियों ने जांच करने के बाद कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 420, 267, 268, 471 आईपीसी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे करता था राशि में हेरफेर
जिला पंचायत से मध्याह्न भोजन की राशि स्कूलों के खातों में डालने के लिए स्कूलों की सूची तैयार कर चेक बनाया जाता था। आरोपी नितिन तायड़े हर माह जिला पंचायत में पहुंच कर सूची को जनपद पंचायत एवं बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी ले लेता और इसके बाद वह उसी प्रकार फर्जी स्कूलों की सूची बनाकर सभी स्कूलों की कुछ राशि में हेरफेर कर अपनी स्कूल रूमना के बैंक खाते में अधिक राशि प्राप्त करता था। सहायक अध्यापक स्कूल समिति का सचिव होने से खुद ही बैंक खाते से राशि निकाल कर स्वयं उपयोग करता था। यह मामला पिछले चार वर्षों से चल रहा था, जिला पंचायत अधिकारी भी उसपर विश्वास कर सूची और चेक बनाकर दिया करते थे।