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मासूम चेतन की पीठ में भी सिर, देखकर हैरत में पड़ गए लोग

deepak deewan

Publish: Dec 05, 2019 10:18 AM | Updated: Dec 05, 2019 10:18 AM

Khandwa

चेतन की पीठ में भी सिर

खंडवा. हरसूद विकासखंड का चारखेड़ा का चेतन जल्द ही सामान्य बच्चों की तरह खेल-कूद सकेगा। डॉक्टर्स ने जटिल ऑपरेशन कर चेतन की उस जन्मजात विकृति को हमेशा के लिए दूर कर दिया है जिसके कारण यह मासूम ठीक से चल-फिर भी नहीं पाता था।


देखकर हैरत में पड़ गए लोग
चेतन की कमर में जन्म से ही छोटी गठान थी जो कि देखते ही देखते बड़ी हो गई और बड़े फोड़े के रूप में बदल गई थी। बच्चे की पीठ पर 2 किलो की गठान हो गई जिससे उसकी जान पर बन आई। पीठ की यह गठान सिर जैसी दिखती थी जिसे देखकर लोग हैरत में पड़ जाते थे। चेतन को हमेशा गोद में ही रखना पड़ता था, उसे एक ही करवट कर सुलाना पड़ता था। ऑपरेशन कर यह गठान निकाल दी गई है। चेतन के माता-पिता ने कई जगह इलाज करवाया लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। परिजन मायूस होकर सारी उम्मीदें छोड़कर घर बैठ गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम उनके बेटे के लिए वरदान बनकर आई। टीम के डॉ. नजमा खान, डॉ. मुख्तार अंसारी चारखेड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने चेतन का परीक्षण किया। जब बच्चे की विकृति की पुष्टि हो गई तो उसे तुरंत जिला अस्पताल खंडवा रेफर कर दिया। चेतन की गंभीर स्थिति को देखते हुए आरबीएसके जिला समन्वयक विनोद पंवार ने तुरंत इंदौर के एक निजी अस्पताल के सर्जन डॉ. मुज्जफल रस्सीवाला से चर्चा की। डॉ. रस्सीवाला ने बच्चे को तुरंत इंदौर बुलवाकर जांच की। जांच में बच्चे के सिर में पानी भरा होना भी पाया गया।


नि:शुल्क हुआ पुरा इलाज
विशेष बात यह है कि चेतन का पूरा इलाज व समस्त जांचें नि:शुल्क की गईं। उसका पूरा इलाज राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम- आरबीएसके के अंतर्गत किया गया। चेतन की तुरंत सर्जरी की जानी थी जिसके लिए कुल 55,000 रुपए का एस्टिमेट बनाया गया था। आरबीएसके के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस चौहान ने तुरंत 55,000 का स्वीकृति आदेश जारी कर दिया। चेतन के पिता दीपक यादव बताते हैं कि कि उन्हें बच्चे के बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की वजह से चेतन को मानो जीवनदान मिल गया है।

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