स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बड़े भाई के कपड़े गोद में लेकर रोता रहा छोटा भाई, कहा- भइया भी हैं तालाब में, उसे निकालो

Pawan Tiwari

Publish: Jul 15, 2019 12:47 PM | Updated: Jul 15, 2019 12:46 PM

Khandwa

  • तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौके पर मौत हो गई।
  • प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

खंडवा . जिले के इमलीपुरी क्षेत्र में स्थिति शकर तालाब रविवार शाम नहाते समय तीम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों की मौत की खबर सुनते ही स्थानीय लोग एकत्रित हो गए और मौके में पहुचे प्रशासन को हादसे के लिए जिम्मेदार बताया।

 

बड़े भाई का इंतजार कर रहा था छोटा भाई
हादसे में डूबकर मरने वाले बच्चों का नामस शहनावाज, मोईन और उबेद है। हादसे के वक्त उबेद का छोटा भाई जरार भी मौके पर मौजूद था। उबेद तालाब में नहाने के लिए अपने कपड़े अपने भाई को दे गया था और उसे तालाब के किनारे बैठाकर गया था। जरार अपने बड़े भाई को तालाब में डूबते हुए देखता रहा लेकिन बचा नहीं सका।

 

जरार अपने बड़े भाई के कपड़े गोद में लिए सिसकता रहा और जब मौके पर पहुंची पुलिस और गोताखोर की टीम ने बच्चों की तलाश शुरू की तो शहनावाज और मोईन के शव को निकाल लिया गया लेकिन उबेद का शव नहीं निकाला जा सका। इसके बाद छोटे भाई जरार ने रोते हुए कहा- मेरे भाइया भी तालाब में हैं और उन्हें भी बाहर निकालो। काफी मशक्कत के बाद उबेद का शव तालाब से निकाला जा सका।

 

 

पिता से खेलने को बोलकर गया था मोईन
वहीं, मृतक मोईन के पिता जाकिर ने बताया कि बेटा घर में पढ़ाई कर रहा है और फिर थोड़ी देर बाद बोला की पापा आज छुट्टी है मैं थोड़ी देर खेल कर आता हूं। जिसके बाद वो तालाब पहुंच गया और नहाते वक्त हुए हादसे में उसकी मौत हो गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद कासिम ने बताया दोस्तों के साथ शकर तालाब के किनारे पर बैठा था। चार से पांच बच्चे पानी में नहा रहे थे। इसी दौरान दोस्त की नजर पड़ी तो देखा बच्चे डूब रहे थे। दोस्तों को तैरना नहीं आता था तो मैं अकेला ही पानी में कूदा और उन्हें बचाने के लिए पहुंचा। जैसे-तैसे कर दो बालकों को लाकर ढीले पर खड़ा किया। लेकिन उन्होंने उल्टा हाथ मारा और दोबारा पानी में चले गए। मैं दोबारा बचाने गया तो वह मेरे ऊपर झूम गए। उनके कारण मैं भी डूबने लगा। दम फूलने लगा तो मैं बाहर आ गया। इसके बाद पता नहीं क्या हुआ।