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पीलिया पीडि़त नवजातों के इलाज के लिए आए ये नए उपकरण, तुरंत मिलेगा फायदा

deepak deewan

Publish: Jan 29, 2020 10:01 AM | Updated: Jan 29, 2020 10:01 AM

Khandwa

नवजातों के इलाज की सुविधा बढ़ी

खंडवा.
जिला अस्पताल में नवजातों के इलाज की सुविधा और बढ़ी है। यहां के सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट - एसएनसीयू में नए वार्मर और फोटोथेरेपी बुलाए गए हैं। कम वजन के बच्चों को वार्मर में रखकर इलाज किया जाता है जबकि इसमें लगी फोटोथेरेपी पीलिया पीडि़त नवजातों के इलाज के काम आती है।


एसएनसीयू में सोमवार को आठ नए वार्मर और दस फोटोथेरेपी आए। नए वार्मर को पुराने वार्मर के स्थान पर लगाया जा रहा है। अस्पताल में जब से एसएनसीयू शुरू हुआ था तब से ही कुछ वार्मर लगे हुए थे जिनकी मरम्मत करवाकर काम चलाया जा रहा था। अब इन्हें यहां से हटा दिया जाएगा। यूनिट में एक बार में 20 बच्चों को भर्ती करने की सुविधा है जिनके लिए कुल 25 वार्मर हो गए हैं। चूंकि वार्मर 24 घंटे चलते हैं इसलिए नए वार्मर आने के बाद नवजातों के इलाज की सुविधा बढ़ जाएगी।


इसी माह शुरू हुई है वेंटिलेटर की सुविधा
जिन नवजातों की हालत नाजुक रहती है उन्हें एसएनसीयू में भर्ती कराया जाता है। इन्हें यहां इन्क्यूबेटर में रखा जाता है। एसएनसीयू में जन्म से लेकर 28 दिन तक के बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। लेडी बटलर महिला हर माह होनेवाले करीब 300 प्रसव में से अधिकांश नवजातों को अस्पताल की एसएनसीयू में भर्ती किया जाता है। प्री मेच्योर डिलीवरी,के प्रकरणों के साथ ही फेफड़ों के संक्रमण से पीडि़त बच्चों को भी यहां भर्ती कर इलाज किया जाता है। यहां इन दिनों हर माह करीब 175 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। खास बात यह है कि एसएनसीयू में इसी माह वेंटिलेटर लगाया गया है। यूनिट के वेंटिलेटर को 9 जनवरी को इंस्टाल किया गया था। वेंटिलेटर के उपयोग के लिए कुछ अन्य जरूरी उपकरण भी आने हैं। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2019 तक यहां 2137 नवजात भर्ती हुए थे जिनमें से 1757 स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हुए। इस अवधि में भर्ती किए गए 245 नवजातों की मौत हुई।

जिला अस्पताल, खंडवा के शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एसएनसीयू प्रभारी, डा. कृष्णा वास्कले का कहना है कि एसएनसीयू में आठ नए वार्मर आए हैं जिन्हें पुराने वार्मरों से रिप्लेस किया गया है। दस फोटोथेरेपी भी बुलाए गए हैं। इससे इलाज की सुविधा बढ़ गई है।

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