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छोटी तवा नदी पर अवैध खनन, रोज 20 से अधिक ट्रॉली निकल रही रेत

dharmendra diwan

Publish: Aug 19, 2019 12:24 PM | Updated: Aug 19, 2019 12:24 PM

Khandwa

प्रतिबंध के बावजूद पानी कम होते ही अमलपुरा में सक्रिय हुए रेत माफिया

खंडवा. प्रदेशभर की सभी नदियां व रेत खदानों पर खनन को लेकर एनजीटी ने प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंध को दो माह से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद जिले में रेत माफिया अवैध खनन को लेकर सक्रिय है। अमलपुरा की छोटी तवा नदी से धड़ल्ले से रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहे हैं।

खंडवा. प्रदेशभर की सभी नदियां व रेत खदानों पर खनन को लेकर एनजीटी ने प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंध को दो माह से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद जिले में रेत माफिया अवैध खनन को लेकर सक्रिय है। अमलपुरा की छोटी तवा नदी से धड़ल्ले से रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहे हैं। रोजाना 20 से अधिक ट्राली भर रेत निकाली जा रही है। यहां से रेल माफिया बेखौफ नियमों का उल्लंघन कर खनन कर रहे हैं। लेकिन रेत व खनन की सुरक्षा करने वाला जिम्मेदार खजिन विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है।

अच्छी बारिश से नदियों में आई रेत
इस बार अच्छी बारिश हुई है। जिले की तीन से चार बार बाढ़ आ चुकी है। इस वजह से कुछ नदियों में भारी मात्रा में रेत एकत्रित हो गई। अमलपुरा नदी में पानी कम होते ही कुछ दिनों से रेत की अवैध उत्खनन शुरू हो गया है।
नदी व खदानों से उत्खनन रहता है बंद
एनजीटी के आदेश के मुताबिक प्रदेशभर में बारिश के सीजन में नदियों व खदानों से रेत का उत्खनन, परिवहन सितंबर तक प्रतिबंधित रहता है। नदी व खदानों से रेत का उत्खनन नहीं होता है। रेत स्टॉक से ही परिवहन हो सकता है।


ओवरलोड रेत भर आ रहे डंपर
जिले की नदियों से उत्खनन के अलावा होशंगाबाद जिले से भी नर्मदा व तवा नदी से ओवरलोड रेत के डंपर आ रहे हैं। यह डंपर छनेरा, सहेजला, जावर के रास्ते खंडवा आ रहे। रेत की कालाबाजारी से प्रशासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा। साथ ही पिछले एक पखवाड़े से डंपरों के परिवहन की वजह से खंडवा से जावर, सहेजला मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। 25 किमी के मार्ग में 100 से ज्यादा गड्ढे हैं।
कांग्रेस ने अवैध खनन पर प्रतिबंध का दिया था वचन
विधानसभा चुनाव के पूर्व कांग्रेस पार्टी ने अपने वचनपत्र में अवैध उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने का जिक्र किया था। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन अवैध उत्खनन बंद नहीं हुआ।