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HIV पीडि़त कर रहे ऐसा काम कि संक्रमण का बढ़ रहा खतरा

deepak deewan

Publish: Nov 11, 2019 11:01 AM | Updated: Nov 11, 2019 11:01 AM

Khandwa

संक्रमण का बढ़ रहा खतरा

खंडवा. एचआईवी जैसे जानलेवा वायरस से पीडि़त मरीज इलाज कराने में कोताही बरत रहे हैं। एड्स पीडि़त ये मरीज नियमित इलाज नहीं करा रहे। ऐसे कई मरीजों ने न केवल दवा लेना छोड़ दिया है बल्कि इसके लिए बने एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी (एआरटी) सेंटर में भी नहीं पहुंच रहे हैं। बार-बार की समझाइशें भी इन्हें दवा लेने के लिए प्रेरित नहीं कर पा रहीं हैं।

कई मरीज नहीं कराते नियमित इलाज
जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर पर रजिस्टर्ड कई मरीज नियमित इलाज नहीं करा रहे। इन्हें इलाज कराने के लिए बार-बार समझाइश दी जा रही है। एचआईवी से संक्रमित होने के बाद नियमित इलाज बेहद जरूरी है अन्यथा जीवन पर संकट आ सकता है। भलीभांति यह तथ्य जानते हुए भी कई मरीजों ने दवा छोड़ दी है। एआरटी सेंटर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार एचआईवी पीडि़त करीब आठ प्रतिशत मरीज पूरा इलाज नहीं कराते।

करीब आठ प्रतिशत मरीज छोड़ देते हैं इलाज, इलाज में कोताही बरत रहे एड्स के मरीज, नहीं आ रहे एआरटी
खंडवा जिला प्रदेश के उन गिने-चुने जिला अस्पतालों में शामिल है जहां एड्स के लिए इलाज के लिए एआरटी सेंटर उपलब्ध हैं। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों में एचआईवी संक्रमण के परीक्षण के लिए पहले एकीकृत परामर्श एवं जांच केन्द्र -आईसीटीसी में भेजा जाता है। यहां से संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ही संक्रमित मरीज को एआरटी सेंटर में भेजा जाता है। मरीज का पंजीयन कर काउंसिलिंग भी की जाती है।


मप्र स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी चलाएगी अभियान
एचआईवी पीडि़तों के प्रदेश भर में यही हाल हैं। इस संबंध में मप्र स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (एमपीसैक) ने सभी एआरटी सेंटर्स से जानकारी मांगी थी। बताया जा रहा है कि प्रदेश में करीब 5000 मरीज ऐसे निकले हैं जोकि एआरटी सेंटर में नियमित इलाज के लिए नहीं पहुंचते हैं। अब इन्हें खोजने के लिए 15 नवंबर से 23 दिसंबर तक अभियान चलाया जाएगा।

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