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दो बोरी यूरिया के लिए भूखे-प्यासे पुरुषों के साथ महिलाएं भी लग रही लाइन

dharmendra diwan

Publish: Dec 10, 2019 11:19 AM | Updated: Dec 10, 2019 11:19 AM

Khandwa

सोसायटी में नहीं मिली यूरिया, 60 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान

खंडवा. रबी सीजन की गेहंू, चना फसल की बोवनी के बाद अब किसानों को यूरिया की आवश्यकता है। जिलेभर में यूरिया को लेकर भारी किल्लत चल रही। किसानों को दो एकड़ भूमि पर एक बोरी यूरिया दिया जा रहा। सहकारी सोसायटी और विपणन संघ के गोदाम पर सुबह से बड़ी संख्या में किसानों की भीड़ उमड़ रही। यूरिया के लिए महिला-पुरुष किसान लाइन में लगकर घंटों इंतजार कर रहे।

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सोमवार को इंदौर रोड स्थित विपणन संघ के गोदाम पर खंडवा ब्लॉक के अलावा खालवा, छैगांवमाखन सहित अन्य ब्लॉक के पहुंचे। बड़ी संख्या में किसान सुबह 9.30 बजे से विपणन संघ के कार्यालय पर रशीद कटवाने खड़े हो गए। खंडवा से 60 किमी दूर ग्राम जामदड़ गुलनाढ़ाना, मौजवाड़ी गांव के आदिवासी महिला-पुरुष किसान भी पहुंचे थे। सुबह 9.30 बजे से खड़े किसानों का दोपहर 3 बजे तक नंबर आया। जिससे किसानों को परेशानी उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यूरिया की अभी आवश्कता है।

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भीड़ को देखते हुए बांटे टोकन, लेकिन नहीं बढ़ाए काउंटर
सोमवार को 300 से ज्यादा किसान यूरिया लेने पहुंचे थे। एक ही काउंटर होने से कतार लग गई और भीड़ हो गई। विपणन संघ द्वारा एक बार में 70 टोकन बांटे गए, लेकिन किसानों की दिक्कत कम करने के लिए काउंटर नहीं बढ़ाए गए। इसके अलावा पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) मशीन भी एक ही है। जिले में इस बार गेहंू का रकबा बढ़ा है। रबी सीजन के लिए 21600 मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है। लेकिन 1 अक्टूबर से अब तक विपणन संघ को 12547 मीट्रिक टन यूरिया ही आया है। 9053 मीट्रिक टन यूरिया की और आवश्कता है। 12547 मीट्रिक टन सहकारी सोसायटी तक पहुंच चुका है। सोमवार शाम तक विपणन संघ के गोदामों में 280 मीट्रिक टन यूरिया ही शेष बचा है।

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यह बोले किसान
15 दिन से स्टॉक की कमी
ग्राम गवलियां के किसान शिवेश कुमार ने सहेजला सहकारी सोसायटी पर यूरिया लेने 21 नवंबर यानी एक पखवाड़े में तीन बार गया। हर बार एक ही जवाब मिल रहा कि 21 नवंबर से स्टॉक है। बाद में आना। जिससे खाली हाथ लौटना पड़ा। इसलिए खंडवा आना पड़ा।

सोसायटी पर नहीं मिल रहा यूरिया
ग्राम जामदड़ की आदिवासी महिला गुदिया बाई ने कहा गांव से 10 किमी दूर खालवा में सहकारी सोसायटी है। वहां चार दिन से रोजाना यूरिया के लिए जा रहे। लाइन में लगते है। लेकिन नंबर आने के पहले ही यूरिया खत्म हो जाता है। खालवा ब्लॉक के मौजवाड़ी के किसान चंपालाल का कहना है कि खालवा सहकारी सोसायटी पर यूरिया के लिए बड़ी दिक्कतें हो रही। कुछ किसानों को आसानी से यूरिया मिल रहा। जो सोसायटी के कर्मचारियों के परिचित है या उनके खास है।