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लाखों खर्च कर के भी नहीं बना पाए पंचायतों को इ-पंचायत

Manish Arora

Publish: Jan 29, 2020 12:02 PM | Updated: Jan 29, 2020 12:02 PM

Khandwa

-हर पंचायत में दिए थे ऑनलाइन कार्य के लिए कम्प्यूटर सेट
-आदिवासी ब्लॉक की अधिकतर पंचायतों से गायब हुए सीपीयू, मॉनिटर

खंडवा. आदिवासी अंचल खालवा ब्लॉक की 86 पंचायतों को इ-पंचायत बनाने के लिए शासन ने वर्ष 2014-15 में लाखों रुपए खर्च किए थे। इ-पंचायत योजना के तहत इन पंचायतों को जिला पंचायत द्वारा कम्प्यूटर सिस्टम दिए गए थे। वर्तमान में अधिकतर पंचायतों से कम्प्यूटर सिस्टम गायब है। ये कम्प्यूटर या तो चोरी हो गए हैं या सरपंच, सचिवों के घर की शोभा बढ़ा रहे है। इस मामले में अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसके चलते शासन की एक महती योजना तो दम तोड़ ही चुकी है। वहीं, प्रशासन को भी लाखों का चूना लग चुका है।
शासन द्वारा ग्रामा पंचायतों को इ-पंचायत बनाने का मुख्य मकसद था कि यहां होने वाले सारे काम ऑनलाइन और पारदर्शी हो। ग्रामीणों के जो काम जनपद स्तर पर होते है, वो कार्य पंचायत स्तर पर ही हो जाए। इ-पंचायत के लिए शासन द्वारा पंचायतों को सीपीयू, मॉनिटर, इन्वर्टर, यूएसबी डिवाइस, एलसीडी, इंटरनेट सेटअप सहित अन्य सामान दिया गया था। अब पंचायतों में ये सामान नजर नहीं आ रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों की मॉनिटरिंग और उनके लेखाजोखा सहित हितग्राही को योजना का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है।
घरों में पहुंच गए पंचायत के कम्प्यूटर सिस्टम
ग्राम पंचायत में कंप्यूटर पर काम के लिए जरूरी इंटरनेट सेवा ना होने के कारण कई ग्राम पंचायतों के कंप्यूटर को सरपंच सचिवों ने अपने घर में रख दिया है। जिस पर उनके परिजन अपना निजी काम कर रहे हैं। वहीं जानकारी के अनुसार कुछ ग्राम पंचायत में तो कंप्यूटर सिस्टम सचिव और सरपंच ने कहां रखे हैं ये तक नहीं बता रहे हैं। इस स्थिति में ग्रामीणों को छोटे छोटे काम के लिए सीधे जनपद कार्यालय तक जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद जनपद या जिला पंचायत के अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच नहीं की जा रही है।
बिल लगाकर निकाल लेते हैं राशि
ग्राम पंचायतों द्वारा जहां एक ओर शासन की ओर से मिले कंप्यूटर सरपंच सचिव ने अपने घर पर रखे हैं, तो दूसरी और उनके द्वारा बिल सहित अन्य कामकाज ब्लॉक स्तर पर कराए जा रहे हैं। जिसके बिल भी बकायदा लगाए जाते हैं। यह स्थिति प्राय सभी ग्राम पंचायतों की है इस संबंध मे जागरूक लोगों द्वारा जनपद पंचायत से शिकायत की जाती है, पर मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत का अधिकारियों द्वारा समय पर न तो निरीक्षण किया जाता है और ना शासन की योजनाओं के संबंध में कोई जानकारी दी जाती है।
ये है कुछ पंचायतों की स्थिति
-खोरदा ग्राम पंचायत सचिव ने कंप्यूटर अपने घर ले जा रखा है। वहीं सरपंच ने एलसीडी टीवी अपने घर लगा रखी है।
-पाडल्या ग्राम पंचायत की एलसीडी टीवी सरपंच के यहां लगी है। कंप्यूटर प्रिंटर सहायक सचिव के यहां रखा है।
-रन्हाई ग्राम पंचायत में सरपंच के यहां एलसीडी टीवी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन खराब होने पर वापस पंचायत में पहुंचा दिया गया है।
-डाभिया ग्राम पंचायत में एलसीडी टीवी चोरी हो गई है, सीपीयू बेकार पड़ा हुआ है।
-जामनिया सरस्वती ग्राम पंचायत में एलसीडी टीवी सरपंच के यहां लगी है और कंप्यूटर कई सालों से खराब पंचायत में पड़ा है। जिसे अभी तक सुधारा नहीं गया है।
-लंगोटी ग्राम पंचायत में सचिव ने कंप्यूटर अपने घर ले जा रखा है, एलसीडी टीवी और इन्वर्टर बैटरी सरपंच ने अपने घर पर लगा रखी है।
कराएंगे पंचायतों की जांच
मामला मेरे संज्ञान में अभी आया हैं, मैं पंचायतों के रिकॉर्ड चेक करवाता हूं। जिन पंचायतों को कम्प्यूटर दिए गए थे, यदि वहां नहीं है तो जांच कराएंगे। सिस्टम घर ले जाने वाले सरपंच, सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी।
केके उके, सीइओ जनपद पंचायत खालवा

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