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दुष्कर्म के बाद हुआ उपद्रव, विधायक और भतीजे पर थे गंभीर आरोप, सरकार ने केस वापस ले लिया

deepak deewan

Publish: Sep 12, 2019 19:23 PM | Updated: Sep 12, 2019 19:23 PM

Khandwa

विधायक और भतीजे पर थे गंभीर आरोप

बुरहानपुर.
पिछले साल 20 अप्रैल को शहर में हुए दुष्कर्म मामले के विरोध में रैली निकाली गई थी जिसमें उपद्रव, बलवा के मामले में कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग 9 प्रकरण बनाकर 54 लोगों को आरोपित बनाया था। इसमें विधायक सुरेंद्र सिंह, उनके भतीजे हर्षित ठाकुर सहित 52 लोग शामिल हैं। इस मामले में बड़ी राहत मिली है। सरकार ने जिला दंडाधिकारी को पत्र लिखकर केस वापसी की कार्रवाई के लिए कहा है। बता दें कि 20 अप्रैल 2018 को दुष्कर्म मामले के विरोध में रैली निकाली गई, इसके बाद शहर में उपद्रव मचा। घटना के बाद पुलिस ने 9 प्रकरण में 54 लोगों पर अलग-अलग धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इसी मामले में वर्तमान विधायक सुरेंद्र सिंह, भतीजे हर्षित ठाकुर सहित 52 पर प्रकरण दर्ज है। इस मामले में सरकार का नया आदेश आने के बाद विधायक के भतीजे हर्षित ठाकुर व उनके अधिवक्ता देवेंद्र कुमार चौहान ने इस मामले की पूरी जानकारी दी।
अधिवक्ता देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि धारा 321 में शासन को प्रावधान रहता है कि लोकहित में प्रकरण वापस ले सकती है। इस मामले की भी जांच के लिए पहले कमेटी बनाई गई। कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिवक्ता ने बताया कि 9 प्रकरण में से 7 में केस वापस लेने के लिए लिखा गया है।
इसमें 1 प्रकरण बुरहानपुर में चल रहा है, जिसमें विधायक सुरेंद्र सिंह का नाम नहीं है, जबकि 6 प्रकरण में सुरेंद्र सिंह का नाम है। इनके साथ आरोपितों का भी प्रकरण भोपाल के विशेष कोर्ट में चल रहा है, क्योंकि विधायक पर लगे प्रकरण भोपाल के विशेष कोर्ट में चलते हैं। इसमें प्रकरण क्रमांक 93 से 99 शामिल है, इसमें टोटल 34 आरोपित है।
अधिवक्ता ने बताया कि 9 प्रकरण में से 100 और 101 नंबर के प्रकरण अभी यथावथ हैं, इनमें अभी केस वापसी के लिए नहीं लिखा है। 101 नंबर के प्रकरण में टोटल 54 आरोपित है। इसमें विधायक का नाम भी शामिल है। जबकि 100 नंबर के प्रकरण में विधायक का नाम नहीं है। अधिवक्ता देवेंद्रसिंह चौहान ने बताया कलेक्टर जिला अभियोजन के माध्यम से प्रकरण वापस लेने की कार्यवाही शुरू करेंगे।
इस मामले में विधायक सुरेनद्र सिंह का कहना है कि यह केस राजनीतिक थे। यह एक अच्छी बात है सरकार ने वापस लिए हैं। वहीं युवा नेता हर्षित ठाकुर का कहना है कि भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए झूठे मामले थे, सत्य की जीत हुई है।