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अन्नदाताओं ने कलेक्टर को दी चेतावनी, फसलों का सर्वे नहीं तो सड़कों पर करेंगे प्रदर्शन

dharmendra diwan

Publish: Sep 19, 2019 11:41 AM | Updated: Sep 19, 2019 11:41 AM

Khandwa

-45 ट्रैक्टर-ट्रॉली, चार पहिया वाहन व पैदल तीन हजार से अधिक किसानों का कलेक्टर ऑफिस पहुंचा सैलाब
-कलेक्टर ने कहा-अलग-अलग क्षेत्र में दल बनाकर समय से पहले कराएंगे सर्वे

खंडवा. भगवान बलराम जयंती के अवसर पर भारतीय किसान संघ की खंडवा इकाई ने बुधवार को हाहाकार रैली निकाली। रैली में 3 हजार से अधिक महिला-पुरुष किसान शामिल हुए। हाथों में झंडे व खराब सोयाबीन की फसल लेकर दोपहर 2.30 बजे सब्जी मंडी से रैली के रूप में किसानों का सैलाब निकला। जो मुख्य मार्गों से होता हुआ शाम 4.30 बजे कलेक्टोरेट पहुंचा। जहां जमीन पर बैठ किसान कलेक्टर का इंतजार करने लगे। 10 मिनट बाद कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल, एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह पहुंचे। किसान संघ से मातृशक्ति मिश्रा ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से की एक-एक मांग पढ़ी। जिसके बाद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम पत्र सौंपा। किसानों ने कहा खराब फसल का सर्वे करने में लापरवाही बरती जा रही है। किसानों ने चेतावनी कि चार दिन सर्वे नहीं किया तो 23 सितंबर से आंदोलन करेंगे। कलेक्टर ने इस पर कहा अलग-अलग क्षेत्र में दल बनाकर सर्वे कराएंगे।

रैली से पहले मनाई बलराम जयंती

रैली से पहले भाकिसं के पदाधिकारी व जिले के किसान सब्जी मंडी में एकत्रित हुए। भगवान बलराम की प्रतिमा पर पूजन कर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अतुल माहेश्वरी, प्रांतीय उपाध्यक्ष रेवाराम भाईडिया, जिला अध्यक्ष धरमचंद्र गुर्जर, शशि मिश्रा, जय पटेल, त्रिलोकचंद्र, रविंद्र पाटीदार, सुभाष पटेल, सुरजीत सिंह, भूपेंद्र कुशवाह, कमला दीदी सहित पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित किया।

राज्य सरकार से मांग
बारिश से खराब खरीफ फसलों का शीघ्र सर्वे कर मुआवजा दिया जाए, किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्ज शीघ्र माफ कर ब्याज का भुगतान सरकार करें, वर्ष 2018 में बेचे सोयाबीन, मक्का की भावांतर राशि व वर्ष 2019 में बेचे गेहंू, प्याज के बोनस का भुगतान कराया जाए। जिले की सिंचाई के लिए स्वीकृत सिंचाई उद्वहन योजना को शीघ्र पूर्ण व चिल्लुर-ताप्ती सिंचाई परियोजना, रुपारेल नदी के डेम की स्वीकृत शीघ्र कराई जाए।

केंद्र सरकार से मांग
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि सितंबर माह में एक मुश्त देकर बजट बढ़ाया जाए, हर फसल का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य व सी-2 फार्मुले के आधार पर समर्थन मूल्य घोषित कर वर्षभर खरीदी की व्यवस्था की जाए, कृषि फसल उत्पादन एवं आवश्कता के आंकड़ों के आधार पर किसान हित में आयात-निर्यात निति तय की जाए, ट्रैक्टर को बैलगाड़ी का दर्जा है, उसे वैसा ही रखा जाए। व्यवसायिकरण नहीं किया जाए।