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80 वर्षीय डूब प्रभावित बुजुर्ग को 15 साल की लड़ाई के बाद मिला न्याय

Jitendra Tiwari

Publish: Jul 19, 2019 00:57 AM | Updated: Jul 19, 2019 00:57 AM

Khandwa

नेशनल लोक अदालत में ओंकारेश्वर परियोजना के प्रभावित को दिलाया गया उचित मुआवजा

 

खंडवा. विधि सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में न्यायालय परिसर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एलडी बौरासी ने किया। लोक अदालत में ओंकारेश्वर परियोजना के डूब प्रभावित का प्रकरण रखा गया। इसमें उचित मुआवजा के लिए लड़ाई लड़ रहे 80 वर्षीय डूब प्रभावित बुजुर्ग को 15 साल बाद न्याय मिला। मामले में डूब प्रभावित किसान कमलपुरी निवासी धोगलगांव के अधिवक्ता पीसी जैन व प्रणेन्द्र रांका रहे। अधिवक्ता रांका ने बताया भू-अर्जन अधिकारी द्वारा पारित अवार्ड में किसान कमलपुरी की 12 एकड़ 20 डेसीमल जमीन, फलदार वृक्ष और मकान, कुएं का मुआवजा 986831 रुपए दिया गया था। रिफरेंस याचिका आंशिक रूप से स्वीकर करते रिफरेंस न्यायालय ने वर्ष 2011 में भू-अर्जन अधिकारी द्वारा पारित अवार्ड को संशोधित कर ब्याज सहित 136362 रुपए की वृद्धि का निर्णय दिया था। रिफरेंस के मामले में लोक अदालत में किसान कमलपुरी को 369945 रुपए का चेक न्यायाधीश के पी मरकाम द्वारा दिया गया। ठीक इसी प्रकार ग्राम धोगलगांव निवासी किसान रामगिर के मामले में समझौता कराकर 317690 रुपए का चेक दिया गया।

48 पारिवारिक मामलों में कराई सुलह

लोक अदालत में 48 पारिवारिक मामलों में सुलह कराई गई। समझौते के बाद बिछड़े पति-पत्नी को मिलाया गया। साथ ही पौधा भेंटकर उनसे हमेशा साथ रहने की बात कही गई। इसके अलावा बैंक, बीमा कंपनी, नगर निगम, बीएसएनएल, बिजली कंपनी के काउंटर्स पर पक्षकारों की भीड़ जमा रही। इस दौरान बिजली कंपनी और नगर निगम के काउंटर पर दिनभर लोग मामले लेकर पहुंचते रहे। इस दौरान न्यायाधीश व सचिव बीएल प्रजापति, न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, न्यायाधीश तपेश कुमार दुबे, न्यायाधीश किरण सिंह, हरिओम अतलसिया, रश्मि वाल्टर जिला रजिस्ट्रार व न्यायाधीश कपिल वर्मा आदि न्यायाधीश मौजूद रहे।

 

838 प्रकरणों का हुआ निराकरण

विधिक सहायता अधिकारी चंद्रेश मंडलोई ने बताया नेशनल लोक अदालत में दस न्यायिक खंडपीठों में प्रकरणों की सुनवाई हुई। इस दौरान न्यायालयों में लंबित 251 प्रकरण और 587 प्रालिटिगेशन के मामलों का निराकरण कराया गया। प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 258 मामलों में रूकी वसूली 33 लाख 13 हजार 230 रुपए की गई। इसी प्रकार मोटर दुर्घटना दावा के 14 क्लेम प्रकरणों में 2708000 रुपए के अवॉर्ड पारित हुए। विद्युत कंपनी के न्यायालय में लंबित 41 और 48 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में राजीनामा होकर 1699692 रुपए की राशि प्राप्त की गई। जलकर के 266 मामलों में 1303090 रुपए की राशि वसूली हुई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 838 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इनमें समझौता राशि 2 करोड़ 42 लाख 91 हजार 984 रुपए वसूली गई।