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इंदिरा सागर बांध के चार गेट खोले, 300 गांवों में अलर्ट

Amit Jaiswal

Publish: Aug 16, 2019 14:15 PM | Updated: Aug 16, 2019 14:15 PM

Khandwa

ओंकारेश्वर बांध के अपस्ट्रीम व नर्मदा नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार बारिश का असर।

खंडवा. नर्मदा नदी के ऊपरी हिस्से में बरगी नगर से बरगी बांध और तवा बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा का जलस्तर और बढ़ गया है। बरगी और तवा बांध का पानी इंदिरा सागर बांध तक पहुंच गया है। इंदिरा सागर बांध के 4 गेट आधा-आधा मीटर खोले गए हैं। डाउनस्ट्रीम के 300 गांव अलर्ट पर हैं।

इंदिरा सागर बांध से लगातार बिजली बनाकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे ओंकारेश्वर में भी जलस्तर बढ़ गया है। ओंकारेश्वर में नर्मदा घाटों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। घाट खाली करवा लिए गए हैं, नौका संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। लोगों को नर्मदा किनारे नहीं जाने की ताकीद दी जा रही है और लगातार सायरन बजाकर तथा मुनादी करके श्रद्धालुओं को सचेत किया जा रहा है। ओंकारेश्वर मे नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा है।

520 मेगावाट बिजली का उत्पादन
ओंकारेश्वर बांध परियोजना से 520 मेगावाट बिजली का उत्पादन एनएचडीसी द्वारा किया जा रहा है। बिजली उत्पादन के कारण वर्षा मे भी बाढ़ जैसा माहौल नहीं देखा गया था। ऊपरी क्षेत्र में हो रही रिमझिम लगातार बारिश का असर अब ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में दिखाई पडऩे लगा है। मौसम परिवर्तन के बाद वर्षा ऋतु में अब जाकर नर्मदा का पानी मटमैला दिखाई देने लगा है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु नर्मदा में बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रफुल्लित नजर आ रहे हैं, तो वहीं नर्मदा प्रेमी नर्मदाजी की अविरल धारा सतत बहता देखना चाहते हैं। नगर परिषद ने ओंकार पर्वत पर श्रद्धालुओं को बैठाकर परिक्रमा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी घाटों से दुकानदारों को हटाकर स्नान के सभी घाट पर से श्रद्धालुओं को जाने पर लगभग प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उद्घोषणा केंद्र से लगातार दे रहे चेतावनी
उद्घोषणा केंद्र से लगातार चेतावनी दी जा रही है। जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बरते जाने के निर्देश अधिकारी कर्मचारियों को दिए हैं। आपदा प्रबंधन से निपटने की पूरी प्रशासनिक तैयारी है। वर्तमान एनएचडीसी कंट्रोल रूम के अनुसार बांध का उपरी जलस्तर 192.59 मीटर लगातार छोड़ा जा रहा है। ओंकारेश्वर बांध में पानी की क्षमता 193 मीटर है जो अभी आधा मीटर खाली है। बिजली बनाने का कार्य प्रगति पर है। नर्मदा में 190 क्यूमेक्स पानी लगातार बढ़ रहा है। इंदिरा सागर बांध से 500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। वर्तमान में ओंकारेश्वर बांध से 8 टरबाइन के माध्यम से लगातार नर्मदा नदी में जलस्तर छोड़ा जा रहा है।

निचली बस्तियां खाली कराने के आदेश
इंदिरा सागर बांध के चार गेट आधा-आधा मीटर खोले जाने के बाद पानी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बांध में 260 मीटर तक पानी भरा है। इंदिरा सागर बांध से छोड़ा गया पानी ओंकारेश्वर बांध पहुंचेगा। इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के डाउनस्ट्रीम के 300 गांव में हाई अलर्ट जारी है। निचली बस्तियां खाली कराने के आदेश दिए गए हैं। खंडवा, देवास, खरगोन, बड़वानी और धार जिले के कलेक्टर-एसपी, एसडीएम व अन्य को अलर्ट पर हैं।

पहले भी बन चुके हैं विकराल हालात
इंदिरा सागर बांध के गेट खोले जाने के कारण पहले भी विकराल हालात बन चुके हैं। गौरतलब है कि इससे पहले इंदिरा सागर बांध में 3 सितंबर 2012 को सभी 20 गेट और 8 सितंबर 2012 को 12 गेट खोले गए थे। इंदिरा सागर का पानी ओम्कारेश्वर बांध तक आता है। इसके बाद ओम्कारेश्वर बांध के 8 गेट खोले जाएंगे। ओंकारेश्वर बांध के डाउन स्ट्रीम में जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमला जुटा है। चेतावनी भी जारी की गई है।