स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Balaji Mandir - हनुमान, गरुड़, हाथी के साथ 300 साल पुरानी सवारी पर निकलेंगे बालाजी महाराज

deepak deewan

Publish: Sep 20, 2019 10:50 AM | Updated: Sep 20, 2019 10:50 AM

Khandwa

300 साल पुरानी सवारी पर निकलेंगे बालाजी महाराज

बुरहानपुर. नवरात्रि के साथ 450 साल प्राचीन बालाजी महाराज का उत्सव भी शुरू हो रहा है। बालाजी महाराज रथ पर अलग-अलग सवारियों पर विराजमान होकर दर्शन देने निकलेंगे। खास बात यह है कि जिन सवारियों पर बालाजी भ्रमण पर निकलेंगे वह 300 साल पुरानी हैं। महाजनापेठ स्थित श्रीबड़े बालाजी मंदिर में यह उत्सव होगा। यहां से हर दिन बालाजी महाराज का रथ अलग-अलग दिन शहर में भ्रमण पर निकलता है। हर दिन बालाजी महाराज अलग-अलग सवारी पर विराजमान होंगे। शहर में यह सवारियां रथ निकालने की प्रथा शुरू होने के समय से हैं।

लकड़ी से बनी हैं सवारियां
बालाजी महाराज की सवारियां हनुमानजी, हाथी, घोड़ा, हंस, सिंह सारदुल, शेर, शेष नाग, हिरण, सात मुंह वाला घोड़ा, गरुड़, चांदनी चौक में लगने वाली रासमंडल गोपियां हैं, यह लकड़ी से निर्मित हैं। हालांकि समय-समय पर इनकी मरम्मत होती रही है। बालाजी उत्सव समिति के आशीष भगत ने बताया कि 450 साल से बालाजी महाराज शहर में भ्रमण पर निकलते आ रहे हैं, लेकिन पहले पालकी में यात्रा निकाली जाती थी, बाद में रथ पर सवार होकर निकलने लगे। जहां उनके लिए अलग-अलग सवारियां भी बनाई गईं। बालाजी मंदिर के पंडित चंद्रकांत बालाजी वाले ने बताया कि मेले की परंपरा 450 साल पुरानी है। नवरात्रि शुरू होते ही बालाजी महाराज की रथ यात्रा शुरू हो जाएगी। 9 दिन तक छोटा रथ और दशहरे पर बड़ा रथ निकलेगा। इसके बाद तीन दिन ताप्ती नदी के सतियारा घाट पर मेला होगा और 15वें दिन बालाजी मंदिर प्रांगण में मेला लगेगा।


ऐसा रहेगा बालाजी महाराज का रथ भ्रमण
29 को बालाजी महाराज पांडूमल चौराहा, गांधी चौक, शाह बाजार होते हुए मंदिर लौटेंगे, 30 को भी वही रूट रहेगा। 1 अक्टूबर को बहूजी महाराज मंदिर वाला रूट होगा। 2 को कड़वीसा नाला, प्रतापपुरा रूट पर बालाजी जाएंगे। 3 को पांडूमल चौराहा, कमल तिराहा, शनवारा वाला रूट रहेगा। 4 को 29 तारीख वाला रूट रहेगा। 5 को गांधी चौक, फव्वारा चौक, पुलिस कोतवाली, ढोलीवाड़ा, बुधवारा, सिंधीपुरा, कांच मंदिर से होते हुए शाह बाजार से मंदिर जाएंगे। 6 को गांधी चौक, खैराती बाजारी, इतवारा, विठ्ठल मंदिर, गोकुल चंद्रमा मंदिर से हुसैनी आलम, बुधवारा चौक से फव्वारा चौक, शाह बाजार से मंदिर जाएंगे। 7 को गांधी चौक, फव्वारा चौक, किला रोड, दौलतपुरा, पांडूमल चौराहा से मंदिर, 8 को दशहरे पर बड़ा रथ निकलेगा। 9 को ताप्ती के सतियारा घाट पर बालाजी महाराज तीन दिन के लिए विराजमान होंगे।