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तेंदूपत्ता की अवैध तस्करी में स्टेशन प्रबंधक दो घंटे करते रहे वन अमले का इंतजार, डीएफओ ने नहीं उठाया फोन, तस्करों को डब्ल्यूटी बनाकर छोड़ा

Balmeek Pandey

Publish: Jul 20, 2019 11:40 AM | Updated: Jul 20, 2019 11:40 AM

Katni

- वन अमले की निष्क्रियता से जिले में लगातार तेंदूपत्ता की तस्करी हो रही है। ट्रेनों के माध्यम से तस्कर महिलाओं और पुरुषों के माध्यम से तेंदूपत्ता की तस्करी करा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को मुड़वारा रेलवे स्टेशन में सामने आया।

- यहां पर तेंदपूत्ता पकडऩे के बाद स्टेशन प्रबंधक दो घंटे तक वन अमले का इंतजार करते रहे। जब कोई नहीं पहुंचा तो डब्ल्यूटी बनवाकर मामले को जाने दिया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह साढ़े 9 बजे जैसे ही कामायनी एक्सप्रेस मुड़वारा स्टेशन पहुंची तो उसकी जनरल और स्लीपर कोचों में तस्कर तेंदूपत्ता के बंडल लोड करने लगे।

- इससे यात्रियों को ट्रेन में चढऩे के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

कटनी. वन अमले की निष्क्रियता से जिले में लगातार तेंदूपत्ता की तस्करी हो रही है। ट्रेनों के माध्यम से तस्कर महिलाओं और पुरुषों के माध्यम से तेंदूपत्ता की तस्करी करा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को मुड़वारा रेलवे स्टेशन में सामने आया। यहां पर तेंदपूत्ता पकडऩे के बाद स्टेशन प्रबंधक दो घंटे तक वन अमले का इंतजार करते रहे। जब कोई नहीं पहुंचा तो डब्ल्यूटी बनवाकर मामले को जाने दिया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह साढ़े 9 बजे जैसे ही कामायनी एक्सप्रेस मुड़वारा स्टेशन पहुंची तो उसकी जनरल और स्लीपर कोचों में तस्कर तेंदूपत्ता के बंडल लोड करने लगे। इससे यात्रियों को ट्रेन में चढऩे के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने इसकी शिकायत स्टेशन प्रबंधक से की। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक बीपी सिंह मौके पर पहुंचे। स्टॉफ के साथ ट्रेनों से तेंदूपत्ता के बंडल उतरवाए। लगभग 20 बंडल 50 हजार से अधिक कीमती को प्लेफॉर्म में उतरवाकर रखवाया।

 

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डीएफओ ने नहीं उठाया फोन
स्टेशन प्रबंधक बीपी सिंह ने बताया कि इस दौरान तेंदूपत्ता तस्कर वहां से भागने की फिराक में थे। तेंदूपत्ता जब्त करने के बाद तत्काल डीएफओ के मोबाइल नंबर 9424792725 पर फोन किया, लेकिन डीएफओ ने फोन नहीं उठाया। स्टेशन प्रबंधक वन विभाग के अन्य अधिकारियों को भी सूचना दी। लगभग दो घंटे तक वन अमले का इंतजार करत रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर जब कोई नहीं पहुंचा तो टीसी स्टॉफ को बुलाकर तेंदूपत्ता की तस्करी करने वाले लोगों पर डब्ल्यूटी का प्रकरण बनाकर लगभग दो हजार रुपये का जुर्माना कर जाने दिया।

 

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पुलिस की भूमिका पर सवाल
हैरानी की बात तो यह रही कि मुड़वारा रेलवे स्टेशन में आरपीएफ और जीआरपी का स्टॉफ सुरक्षा के लिए तैनात रहता है। यदि स्टेशन में कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत रूप से कृत्य करता है तो उसे रोकना है, लेकिन तेंदूपत्ता की तस्करी होने के बाद भी जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने ध्यान नहीं दिया। बताया जा रहा है कि यहां से प्रतिदिन भारी मात्रा में तेंदूपत्ता की तस्करी हो रही है।

 

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...इधर जब्त हुआ तेंदूपत्ता
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार को आरपीएफ के उप निरीक्षक दीपचन्द सिंह, सहायक उप निरीक्षक शीतल सिंह चौहान मय स्टॉफ आरक्षक सतेन्द्र कुमार, आरक्षक चन्द्रेश्वर सिंह व आरक्षक राजेश कुमार चौहान के साथ स्टेशन गस्त पर थे। उसी समय पीएफ नं. 2 पर 5 बोरे मे कुछ भरा हुआ दिखाई दिया। जिस पर रेलवे का कोई मार्का नही लगा था। जांच में तेदू पत्ता भरा हुआ मिला। आसपास के यात्रियों से पूछताछ करने पर किसी ने भी अपना होना नहीं बताया। उक्त तेदूपत्ता को उठाकर पोस्ट पर लाया गया और वन विभाग कटनी को सूचित किया गया। वन विभाग कटनी के सहायक उप निरीक्षक एके पाण्डेय एवं स्टॉफ के आरपीएफ थाना कटनी उपस्थित होने पर 5 बोरे तेदू पत्ता वजन करीबन 125 किलोग्राम कीमत 6 हजार रुपये अग्रिम कार्यवाही के लिए सुपुर्द किया।