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डायरिया का खतरा बढ़ा रहा नाली के समानांतर पेयजल पाइप लाइन

raghavendra chaturvedi

Publish: Jul 20, 2019 15:13 PM | Updated: Jul 20, 2019 15:13 PM

Katni

शहर में सप्लाई होने वाले पेयजल की शुद्धता पर नहीं नगर निगम के इंजीनियरों की नजर.

कई स्थानों पर नाली के समानांतर पेयजल पाइप लाइन को लेकर इंजीनियर ने कहा पहले बिछी थी पाइप लाइन, बाद में किया गया नाली का निर्माण.

शहर के अलग-अलग वार्ड से प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे डायरिया के मरीज.

कटनी. जिला अस्पताल में इलाज के आने वाले डायरिया के लगातार बढ़ते मरीजों के बीच शहर में पीने का पानी सप्लाई के लिए बिछी पाइप लाइन सवालों में हैं। यहां कई स्थानों पर नाली के समानांतर पानी सप्लाई पाइप लाइन बिछी है। डॉक्टरों का मानना है कि गंदा पानी डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ा रही है। नगर निगम के इंंजीनियरों का कहना है कि पाइप लाइन पहले बिछाई जाती है, बाद में नाली का निर्माण कर दिया जाता है तो क्या करें।

घरों में शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का दावा करने वाली नगर निगम की पेयजल व्यवस्था ऐसी है कि शहर में दर्जनभर से ज्यादा स्थान ऐसे हैं जहां नाली के समानांतर पेयजल सप्लाई पाइन लाइन है। जालपा वार्ड में कई मीटर तक नाली और पाइप लाइन समानंतर है। पोस्ट ऑफिस गली में क्रास के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। माधवनगर स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी और अन्य स्थानों पर भी पेयजल सप्लाई पाइन पाइप लाइन नाली से अलग नहीं है।

 

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Queue for registration before treatment in district hospital
जिला अस्पताल में इलाज से पहले पंजीयन के लिए लगी कतार IMAGE CREDIT: Raghavendra

प्रतिदिन पहुंच रहे पांच सौ से ज्यादा मरीज, ज्यादातर में बुखार व डायरिया के लक्ष्ण

जिला अस्पताल में प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचने वाले डायरिया के मरीजों का औसत पांच से अधिक है। शहर के अलग-अलग वार्ड में लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सालभर डायरिया के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे जिला अस्पताल। 20 से ज्यादा मरीजों का वर्तमान में चल रहा जिला अस्पताल में इलाज।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या पांच सौ से अधिक है। इसमें ज्यादातर मरीज बुखार व डायरिया सहित अन्य बीमारी से पीडि़त होते हैं। जिला अस्पताल के सीएस डॉ. एसके शर्मा के अनुसार पानी की अशुद्धि के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के मरीजों की संख्या मौसम में बदलाव के कारण बढ़ी है।

नगर निगम के इंजीनियर सुधीर मिश्रा का कहना है कि जहां पता चलता है लाइन टूटी है, तो फौरन ठीक करते है। कई स्थानों पर लाइन पहले से बिछी है, नालियां बाद में बनी है। इस कारण नाली के समानांतर पाइप लाइन है।

 

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