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विद्यार्थिंयों के लिए सालभर पहले दो करोड़ रुपये की लागत से बना 120 सीटर का छात्रावास, अब हो रहा खंडहर

Dharmendra Pandey

Publish: Oct 20, 2019 15:57 PM | Updated: Oct 20, 2019 15:57 PM

Katni

-छात्रावास को चालू कराने आइटीआइ प्रबंधन ने कर्मचारियों की कमी व विभाग से अनुमति नहीं मिलने का बताया बहाना

-शासकीय एनकेजे आइटीआइ परिसर में बने बालक और बालिका छात्रावास का मामला

 

कटनी. विद्यार्थियों के रहने के लिए शासकीय एनकेजे आइटीआइ परिसर में बनाए गए छात्रावास की उपयोगिता खत्म होती जा रही है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण यह सालभर बाद भी चालू नहीं हो सका। खंडहर में तब्दील हो रहा है। दूसरी ओर छात्रावास को चालू कराने को लेकर प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की कमी और विभाग से अनुमति नहीं मिलने का बहाना बनाया जा रहा है।
शासकीय एनकेजे आइटीआइ परिसर में दूर-दराज से आकर तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रहने के लिए छात्रावास की सुविधा मिले। इसके लिए आइटीआइ परिसर में दो करोड़ रुपये की लागत से बालक-बालिकाओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराया गया। सालभर पहले भवन भी बनकर तैयार हो गया। उदघाटन कराया गया, लेकिन छात्रों को रहने की सुविधा नहीं मिल रही है। इधर, छात्रावास को चालू कराने में आ रही दिक्कतों को लेकर आइटीआइ प्रबंधन द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग व कलेक्टर को जानकारी देने की बात कहीं जा रही है।

120 सीटर का है छात्रावास
शासकीय आइटीआइ एनकेजे प्रबंधन की मानें तो परिसर में बालक-बालिकाओं के रहने के लिए जो दो छात्रावास बनाए गए है, उसकी क्षमता 120 सीटर है। यानि एक छात्रावास में 60 बालक व इतनी ही बालिकाएं निवास करती है।

-छात्रावास को चालू कराने में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। तकनीकी शिक्षा विभाग व कलेक्टर को जानकारी भेजी गई है, लेकिन विभाग से अभी तक कोई अनुमति नहीं मिली है।
रंजीत रोहितास, प्राचार्य, शासकीय आइटीआइ एनकेजे।