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करनाल में बहाना पड़ रहा दूध

Chandra Prakash sain

Publish: Sep 19, 2019 07:00 AM | Updated: Sep 18, 2019 21:24 PM

Karnal

Haryana: एनडीआरआई में नौ दिन में मर गए 43 भैंसें व कटडिय़ां

 

 

करनाल. नेशनल डायरी रिसर्च इंस्टीटयूट में काफी संख्या में पशुओं के मरने के बाद संस्थान द्वारा संक्रमण से पीडि़त दुधारू पशुओं के दूध को निकाल कर नाली में बहाया जा रहा है। अभी तक इन पशुओं से निकले कई लीटर दूध को नष्ट किया गया है। संस्थान द्वारा सतर्कता बरतते हुए दूध को नष्ट इसलिए किया जा रहा है ताकि डेरी में उत्पादित होने वाले कई तरह के पदार्थों में इसका यूज न हो और संक्रमण वाले पशुओं का दूध किसी पदार्थ में मिलकर कोई हानि न पहुंचा पाए। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में मुर्रा भैंसों व कटडिय़ों के मरने का सिलसिला जारी है। बुधवार को 5 भैंसों की और मौत हो गई। पिछले 9 दिन में अब तक 43 भैंसों व कटडिय़ों की मौत हो गई है। गंभीर रुप से बीमार अभी 5 भैंसों का इलाज चल रहा है। अभी तक भी मौत के सहीं कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि मौत के पीछे की वजह कोई बैक्टीरिया है लेकिन अभी तक यह पता नहीं लगाया जा सका है कि किस बैक्टीरिया की वजह से मौत हुई है। इसकी जांच की जा रही है। इसके लिए बरेली स्थित भारतीय पशुचिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक और हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय के डॉक्टर भी आए हुए हैं। पशुधन अनुसंधान केंद्र में किसी बाहरी व्यक्ति की विजिट भी बंद कर दी गई है। सभी जगह चूना डाला गया है। एनडीआरआई में पहली बार इतनी संख्या में भैंसों की मौत हुई है। बता दें कि डेयरी अनुसंधान संस्थान में कुल 2 हजार पशु हैं। जिसमें 550 भैंस व कटडिय़ां है, इनमें से 4& की मौत हो चुकी है।

फीड में जहर होने के आरोप

इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल प्रोटेक्शन के अध्यक्ष नरेश कादियान ने पशुपालन मंत्री और सिविल लाइन थाने में ऑनलाइन शिकायत दी है। उनका आरोप है कि जहरीला फीड खाने से पशुओं की मौत हुई है। बिना पोस्टमॉर्टम किए उन्हें दफना दिया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव और एसआई जयपाल अनुसंधान केंद्र में गए थे। फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।