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मायावती बोलीं, बसपा को जेजेपी के सहारे की जरूरत नहीं

Chandra Prakash sain

Publish: Sep 07, 2019 19:19 PM | Updated: Sep 07, 2019 19:23 PM

Karnal

Haryana: चौटाला परिवार को एक होते देख बसपा ने तोड़ा जेजेपी से नाता

फरीदाबाद. विधानसभा में सीटों के बंटवारें को लेकर बसपा और जेजेपी का गठबंधन टूट गया। बसपा प्रमुख मायावती ने खुद ने कहा कि खाप पंचायत के कारण जननायक जनता पार्टी और इनेलो एक हो रही है। एेसे में हमारी राष्ट्रीय पार्टी को इनकी जरूरत नहीं है।

बसपा की ओर से गठबंधन तोड़ा दिया है। बसपा की मुखिया एंव उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस बारे में कहा है कि वह अब बसपा हरियाणा में सभी सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। मायावती द्वारा गठबंधन तोड़े जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि जेजेपी और इनेलो के एक होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में बसपा नहीं चाहेगी कि वह इनेलो का सहारा ले।

ट्वीट पर कहा, सीटों का बंटवारा है कारण
मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा बीएसपी एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसके हिसाब से हरियाणा में होने वाले विधानसभा आम चुनाव में दुष्यंत चौटाला की पार्टी से जो समझौता किया था वह सीटों की संख्या व उसके आपसी बंटवारे के मामले में उनके अनुचित रवैया के कारण से बसपा हरियाणा यूनिट के सुझाव पर समाप्त कर दिया गया।
वहीं दूसरी ओर ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि ऐसी स्थिति में पार्टी ने यह फैसला किया है कि हरियाणा प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा अकेले ही अपनी पूरी तैयारी के साथ यहां सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

मायावती बोलीं, बसपा को जेजेपी के सहारे की जरूरत नहीं

जवाब में दुष्यंत बोलें हम अंबेडकरजी की नीतियों पर आगे बढ़े
मायावती के जवाब में जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला ने जो कहा उससे लगता है कि उन्हें बसपा के सहारे की जरूरत है। जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने अपने ट्वीट में लिखा चौधरी देवी लाल और बाबा साहब भीमराव अंबेडकरजी की नीतियों पर आगे बढ़ रहे है। 11 अगस्त को बसपा से गठबंधन के बाद से हमारी कोशिश किसान कमरा को मजबूत कर पूंजीवादी ताकतों को सत्ता से बाहर रहने की रही है। दूसरे ट्वीट में लिखा है उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ताकत देने में यकीन किया है। उन्होंने बसपा को 30 सीट का प्रस्ताव दिया और हमारी इच्छा बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत देने की रही है और हम इसे आगे भी हमेशा जारी रखेंगे। लेकिन अब जेजेपी हरियाणा 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और किसान कमरों की सरकार बनाएगी।

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