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पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में 'नेता' भी लिप्त ... !

Devkumar Singodiya

Publish: Dec 22, 2019 00:38 AM | Updated: Dec 22, 2019 00:40 AM

Karnal

सीएम मनोहर लाल भ्रष्टाचार समाप्त करने का ढिंढोरा पीटते रहे, लेकिन भाजपा सरकार के पिछले शासन काल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाला सरकार की नाक के नीचे होता रहा।

करनाल/चंडीगढ़. हरियाणा के पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले के मामले में विजिलेंस जांच के बाद सरकार ने करीब आधा दर्जन अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन विपक्षी दल इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने शंका जताई है कि इस घोटाले में न केवल उच्च अधिकारी, बल्कि राजनेता भी लिप्त है। उन्होंने कहा कि छोटे अधिकारियों पर ही नहीं बल्कि उच्चाधिकारियों व राजनेता को भी कानून की चौखट पर लाया जाए। चौटाला का इशारा सीएम के राजनीतिक सलाहकार नियुक्त कृष्ण कुमार बेदी की ओर था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में जांच के बाद यह घोटाला सौ करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि घोटाले के समय बेदी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री थे।


सरकार की नाक के नीचे हुआ घोटाला

सीएम मनोहर लाल भ्रष्टाचार समाप्त करने का ढिंढोरा पीटते रहे, लेकिन भाजपा सरकार के पिछले शासन काल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाला सरकार की नाक के नीचे होता रहा। ऐलनाबाद हलके में धन्यवाद दौरे के दौरान इनेलो नेता अभय ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा का एलान कर प्यारी बन रही है, लेकिन जिस मंत्री के विभाग में करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला होता रहा उसको इनाम के तौर पर सीएम ने राजनीतिक सलाहकार बनाया है। भाजपा की कथनी और करनी में दिन रात का अंतर है।

भाजपा घोटालों की जननी

धान घोटाला तो कभी प्रति किलोमीटर बस किराया घोटाला। छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दा उठाने वाले अधिकारी को सरकार ने महत्वहीन विभाग में भेज दिया। नौ जिलों के खातों की जांच में 43 करोड़ का घपला सामने आ चुका है। जांच में सामने आया कि 30-40 प्रतिशत तो संस्थान ही फर्जी हैं।


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