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चाचा-भतीजा के क्लेश में खत्म हो गई पार्टी.. आखिर हुआ क्या

Devkumar Singodiya

Publish: Aug 07, 2019 18:47 PM | Updated: Aug 07, 2019 18:47 PM

Karnal

हरियाणा ( Haryana ) में जननायक जनता पार्टी ( Jannayak Janta Party ) के संयोजक दुष्यंत चौटाला ( Dushyant Choutala ) के इनेलो ( Inld ) पर कब्जा करने से इनेलो के अस्तित्व पर संकट के बादल छा गए।

चंडीगढ़. हरियाणा में मंगलवार रात जननायक जनता पार्टी के संयोजक दुष्यंत चौटाला द्वारा इनेलो पर कब्जा किए जाने के बाद इनेलो के अस्तित्व पर संकट के बादल छा गए हैं। पिछले साल अक्तूबर में गोहाना ( Gohana ) की रैली से चाचा-भतीजा के बीच शुरू हुए कलेश का जहां एक बार अंत हो गया है वहीं इनेलो भी खत्म हो गई है। अब दोनों परिवारों के बीच निजी बिखराव और बढ़ेगा। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा राजनीतिक संकट अभय चौटाला ( Abhay Choutala ) के लिए खड़ा हो गया है। जिन्हें अब इनेलो का नाम जिंदा रखने के साथ-साथ अपना भविष्य सुरक्षित करना है।


इनेलो में बिखराव की शुरूआत पिछले साल ताऊदेवीलाल के जयंती समारोह में हूटिंग करने का आरोप लगाते हुए दुष्यंत चौटाला को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद दुष्यंत ने अपने पिता अजय सिंह चौटाला ( Ajay Singh Choutala ) के साथ अलग जननायक जनता पार्टी बना ली थी। तब से चाचा-भतीजे में राजनीतिक ( Politics ) तलवारें तनी हुई हैं।

 

विधायक ( MLA ) दल के नेता पद से हटाया
विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद मंगलवार को दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के समर्थक चार विधायकों ने एक बैठक कर अभय सिंह चौटाला को इनेलो विधायक दल के नेता पद से हटा दिया। जजपा समर्थक राजदीप फौगाट ( Rajdeep Phogat ) को अभय सिंह चौटाला के स्थान पर इनेलो विधायक दल का नया नेता नामित किया गया है, जबकि विधायक अनूप धानक को चीफ ( Chief ) व्हिप बनाया गया है। इस बैठक में राजदीप फौगाट, अनूप धानक, दुष्यंत चौटाला की मां नैना सिंह चौटाला ( Naina Choutala ) और पिरथी नंबरदार के शामिल होने का दावा करते हुए फैसले से विधानसभा सचिवालय को भी अवगत करा दिया गया है।

 

पारिवारिक लड़ाई से हुआ विघटन
यह घटनाक्रम इनेलो के सिरसा से विधायक मखनलाल सिंगला के इस्तीफा देने के बाद हुआ है। सिंगला के इस्तीफा देने के बाद अभय चौटाला के साथ उनके अलावा वेद नारंग तथा ओमप्रकाश बड़वा ही रह गए हैं। इनेलो राज्य का प्रमुख विपक्षी दल था, लेकिन पारिवारिक लड़ाई के चलते इसमें विघटन पैदा हो गया। इनेलो के पास कभी 19 विधायक हुआ करते थे। दो विधायकों डा. हरिचंद मिढा तथा जसविंद्र सिंह संधू का देहावसान हो गया, जबकि 10 विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बाकी बचे सात विधायकों में तीन अभय सिंह चौटाला, वेद नारंग और ओमप्रकाश बड़वा एक तरफ हैं, जिनका नेतृत्व अभय सिंह चौटाला कर रहे हैं। चार जजपा विधायक नैना चौटाला, राजदीप फौगाट, अनूप धानक और पिरथी नंबरदार पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला के साथ हैं।

 

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