स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

हरियाणा का हथनीकुंड बैराज बुझाएगा 'थार' की प्यास, राजस्थान के सिंचाई विभाग ने संभाला काम

Prateek Saini

Publish: May 30, 2019 19:11 PM | Updated: May 30, 2019 19:11 PM

Karnal

दिल्ली व उप्र में पानी पहुंच रहा,राजस्थान में चार महीने ही होगी पानी की सप्लाई...

 

(चंडीगढ़,करनाल): हथनीकुंड बैराज (Hathini kund Barrage dam) का पानी अब राजस्थान (Rajasthan water issue) की प्यास बुझाएगा। वर्ष-1996 में पांच राज्यों के बीच हुए जल समझौते पर राजस्थान के सिंचाई विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। वहां के उच्चाधिकारियों ने हथनीकुंड बैराज का दौरा किया। यहां से पाइप लाइन के जरिए राजस्थान में पानी पहुंचाने की योजना है। हरियाणा व राजस्थान की सीमा डैम बनाकर सप्लाई किया जाएगा।


समझौते के मुताबिक राजस्थान को यहां से 15 जून से 15 सितंबर तक ही पानी दिया जाएगा, क्योंकि बाकि दिनों में बैराज पर पानी सामान्य से कम रहता है। हथनीकुंड बैराज से फिलहाल हरियाणा, दिल्ली व उप्र में पानी पहुंच रहा है। यमुना नदी व पश्चिमी यमुना नहर के माध्यम से हरियाणा से होते हुए दिल्ली पानी पहुंचता है,जबकि उप्र में पूर्वी यमुना नहर के जरिए पानी पहुंच रहा है। पूर्वी यमुना नहर की क्षमता 50 हजार क्यूसेक है।


पश्चिमी यमुना नहर के माध्यम से दिल्ली व उत्तरी हरियाणा में पहुंच रहे पानी से न केवल सिंचाई होती है बल्कि पीने के भी काम आता है। वर्ष-1996 में हरियाणा, उप्र, हिमाचल, दिल्ली व राजस्थान के मुख्यमंत्री पहुंचे थे। इस दौरान सभी राज्यों में पहुंचने वाले पानी के बंटवारे बारे समझौता हुआ। राजस्थान के हिस्से 1970 क्यूसेक पानी आएगा। योजना है कि हथनीकुंड बैराज से पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। हालांकि यह प्रोजेक्ट इतना सरल नहीं है। इसको सिरे चढ़ाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। यही वजह रही कि अब तक इस योजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है।

 

बैराज व आसपास के एरिया का निरीक्षण किया

राजस्थान से आई टीम ने हथनीकुंड बैराज व आसपास का दौरा किया। राजस्थान सिंचाई विभाग के एसई व एक्सईएन हरियाणा के अधिकारियों के साथ रूट प्लान पर भी चर्चा की। हालांकि अभी रूट प्लान तय नहीं हुआ है। सिंचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल का कहना है कि राजस्थान सिंचाई विभाग की टीम आई थी। हथनीकुंड बैराज से राजस्थान में पानी पहुंचाने की योजना है। हालांकि यह जल समझौता वर्ष-1996 में हुआ था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बैराज के साथ-साथ आसपास के एरिया का भी दौरा किया।