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जेलों की जमीन पर पेट्रोल पंप खोलेगी हरियाणा सरकार, इन बड़ी योजनाओं को भी लगेंगे पंख, जनता को होगा सीधा फायदा

Prateek Saini

Publish: Jun 05, 2019 18:55 PM | Updated: Jun 05, 2019 18:55 PM

Karnal

जेल एवं परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने आज यह जानकारी दी...

(चंडीगढ,करनाल): पंजाब सरकार की तरह ही हरियाणा सरकार भी शहरी क्षेत्रों में आ चुकी जेलों की जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी में है। जेल विभाग ने इस बारे में प्रस्ताव मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को भेजा है और इसे जल्दी ही मंजूर किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही हरियाणा में करनाल और फरीदाबाद में खुली जेल खोले जाने का प्रस्ताव भी है। खुली जेल में कैदी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे।


जेल एवं परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने आज यह जानकारी दी। पंवार ने बताया कि इसी तरह जेल विभाग के वार्डरों और सहायक जेल अधीक्षकों को पुलिस विभाग के समान पद के स्टाफ के बराबर वेतनमान देने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को मंजूरी के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में बनी कमेटी 65 साल की महिला और 75 साल के पुरूष कैदी ज्यादातर सजा पूरी करने की स्थिति में गुणावगुण के आधार पर रिहा किए जाने का फैसला करती है।

पंवार ने अपने दोनों विभागों के बारे में योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। परिवहन विभाग के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज के लिए नई बसें खरीदने जा रही है। इन बसों को कण्डम हो चुकी बसों के स्थान पर चलाया जाएगा। नई बसों में टॉयलेट की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रति किलोमीटर किराया दर पर रोडवेज के लिए सात सौ बसें लेने के बारे में पंवार ने बताया कि इस योजना के तहत 510 बसों को किराए पर लेने के लिए टेण्डर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी। लेकिन जब बाकी 190 बसों के लिए टेण्डर प्रक्रिया शुरू की गई तो किराया दर पहले टेण्डरों से कम आई। इस पर पहले टेण्डरों की विजिलेंस ब्यूरों से जांच के आदेश मुख्यमंत्री ने दिए है। साथ ही यह प्रयास भी किया जा रहा है कि दूसरे टेण्डरों पर कम किराया दर देने वाले बस संचालक अपनी दरों पर 510 बसें भी चलाएं।

पंवार ने बताया कि प्रदेश के 25 साल पूरे कर चुके पानीपत बिजलीघर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के मुताबिक समाप्त किया जा रहा है। पुराने बिजली घरों से उत्पादन लागत अधिक आती है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार द्वारा अडानी ग्रुप के साथ किए गए 24 साल के बिजली खरीद अनुबन्ध के तहत बिजली खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी बिजलीघरों को बंद नहीं किया जा रहा। जब जरूरत होती तब सरकार अपने बिजलीघरों से उत्पादन करती है लेकिन जरूरत न होने की स्थिति में बिजलीघर बन्द रखे जाते है।