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हरियाणा विधानसभा को नेता प्रतिपक्ष देने में मात खा गई कांग्रेस - सुभाष बराला

Devkumar Singodiya

Publish: Aug 03, 2019 18:37 PM | Updated: Aug 03, 2019 18:46 PM

Karnal

Haryana Assembly: हरियाणा प्रदेश भाजपा ( Haryana Bjp ) अध्यक्ष सुभाष बराला ने विधानसभा ( Assembly ) के अंतिम सत्र की शुक्रवार को हुई पहली बैठक पर कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन दिखाई दिया और कांग्रेस ( Congress ) तो नेता प्रतिपक्ष भी तय नहीं कर पाई।

 

चंडीगढ. हरियाणा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष ( Haryana BJP Presedent ) सुभाष बराला ( subash barala ) ने विधानसभा के अंतिम सत्र की शुक्रवार को हुई पहली बैठक पर कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन दिखाई दिया और कांग्रेस तो नेता प्रतिपक्ष भी तय नहीं कर पाई।


बराला टोहाना से विधायक ( MLA ) हैं और उन्होंने स्वयं भी सदन की कार्यवाही में भाग लिया। बराला ने मीडिया ( Media ) से बातचीत में कहा कि इस विधानसभा में जो पार्टी मुख्य विपक्षी दल के रूप में चुनकर आई थी वह पांच साल पूरे करते हुए अपना यह दर्जा गंवा बैठी और इसके बाद जिस पार्टी ( Party ) को मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी मिली वह नेता प्रतिपक्ष ही तय नहीं कर पा रही है। प्रदेश विधानसभा में ऐसी स्थिति पहली बार पैदा हुई है।


कांग्रेस के पास लोकसभा ( Lok Sabha ) में तो संख्याबल नहीं है लेकिन हरियाणा में तो प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने की स्थिति है फिर भी नेता प्रतिपक्ष का चुनाव नहीं कराया जा सका है। हरियाणा में तीन तलाक ( Tripel Talaak ) का मुकदमा दर्ज होने को लेकर बराला ने कहा कि इस प्रथा के खिलाफ ऑनलाईन याचिका दायर की गई थी। अब केन्द्र सरकार ( Modi Government ) ने इसे रोकने के लिए कानून बना दिया है। फिर भी ऐसे मामले आपसी बातचीत से भी निपटाए जा सकते है।