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MLA के खिलाफ FIR का दिया आदेश, 1 घंटे बाद ही बैकफुट पर आई सरकार

Devkumar Singodiya

Publish: Dec 21, 2019 20:02 PM | Updated: Dec 21, 2019 20:02 PM

Karnal

अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग के लाइसेंस के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने का मामला
सीएम विंडो पर आई शिकायत के बाद लोक सम्पर्क विभाग ने जारी किया था प्रेस नोट

चंडीगढ़/करनाल. कांग्रेस विधायक और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत कार्रवाई के आदेश देने वाली हरियाणा सरकार महज कुछ घंटे बाद ही बैकफुट पर आ गई। ऐसे में राजनीति के गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि केवल एक घंटे बाद ही विधायक सही हो गए हैं या फिर उनके विरूद्ध कार्रवाई के आदेश देने वाले आईएएस ने गलती से यह आदेश जारी किए थे। मीडिया में मामला उछलने के बाद सरकार इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रही है। वहीं कथित आरोपी विधायक ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता की अध्यक्षता वाली इस बैठक में गुरुग्राम में अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग सोसायटी का लाइसेंस लेने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप में सरकार ने समालखा विधायक धर्म सिंह छोकर और उनके बेटे विकास छोकर पर पुलिस केस दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए। इस संदर्भ में पुलिस महानिदेशक मनोज यादव को विस्तृत जांच करके रिपोर्ट देने को कहा गया।


सरकारी प्रेस नोट भी हुआ था जारी


इस घटनाक्रम को लेकर लोक संपर्क विभाग ने बकायदा प्रेस नोट जारी किया गया। जिसमें बैठक में उठाए गए सभी कदमों के बारे में जानकारी दी गई। धर्म सिंह छोकर का नाम मीडिया में उछलते ही सरकार सकते में आ गई। छोकर की गिनती पूर्व सीएम हुड्डा के सबसे करीबियों में होती है। किसी तरह का राजनीतिक विवाद न हो। इसके चलते करीब एक घंटे बाद मीडिया को दोबारा सूचना जारी की गई। जिसमें धर्म सिंह छोकर तथा उनके बेटे का नाम हटा लिया गया।

ऐसे में अब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। महज एक घंटे में या तो विधायक पर लगे आरोप खत्म हो गए या फिर गठबंधन सरकार ने कांग्रेस के दबाव में यह आदेश वापस ले लिए।


टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग भी संदेह में


यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-68 की साढ़े पांच एकड़ जमीन पर अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए लाइसेंस लेने में कथित फर्जीवाड़ा करने का है। बिल्डर मैसर्ज साई आइना फार्मस की ओर से लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया। इस कंपनी के हितधारकों में विकास छोकर और धर्म सिंह छोकर के नाम हैं। छोकर वर्तमान में पानीपत जिला के समालखा से कांग्रेस विधायक हैं और विकास उनके बेटे हैं।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। इसी वर्ष 25 जून को गुरुग्राम निवासी नीरज चौधरी ने सीएम विंडो पर छोकर से जुड़ी इस कंपनी के खिलाफ शिकायत भेजी थी। इसे संबंधित विभाग को भेजकर जवाब मांगा गया तो वहां से गोलमोल जवाब दिया गया। यही नहीं, अब खुद के जवाब में विभाग भी फंसता नजर आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि लाइसेंस लेने के जमा करवाए गए क्लोब्रेशन एग्रीमेंट के अलावा राजस्व से जुड़े गलत दस्तावेज इस्तेमाल किए गए हैं। कंपनी का कार्यालय गुरुग्राम के सेक्टर-43 स्थित गोल्फ कोर्स रोड पर है।

 



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