स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पुर्जों के अभाव में धूल फांक रही रोडवेज की बसें

Chandra Prakash sain

Publish: Dec 04, 2019 08:02 AM | Updated: Dec 03, 2019 18:33 PM

Karnal

रोडवेज में बसों का अभाव, रूट भी हैं खाली

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार एक तरफ जहां राज्य के लोगों को बेहतर परिवहन सेवाएं देने का दम भर रही है वहीं सरकार की अनदेखी के चलते रोडवेज के डिपो में इस समय सैंकड़ों बसें स्पेयर पार्टस के अभाव में खड़ी धूल फांक रही हैं। जिसका खामियाजा दैनिक यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
हरियाणा प्रदेश पिछले लंबे समय से दस हजार बसों का टोटा झेल रहा है। हरियाणा रोडवेज के पास इस समय 2013 रूट हैं। इन रूटों पर रोडवेज ने 4549 परमिट ले रखे हैं। इसके उलट कागजों में 3651 बसें दिखाई गई हैं, जबकि सडक़ों पर इस समय औसतन 3300 बसें ही चल रही हैं। एक रूट पर कई बसों को परमिट दिए जा सकते हैं। एक बस का एक परमिट मिलता है इसलिए रोडवेज ने 4549 बस परमिट ले रखे हैं। दूसरी तरफ हरियाणा की जनसंख्या के अनुसार यहां 12000 बसों की जरूरत है।
प्रदेश में पिछले एक दशक के दौरान सरकार कोई भी रही हो लेकिन बसों का बेड़ा बढ़ाने की तरफ कोई सार्थक प्रयास नहीं किया। आलम यह है कि सरकार के पास जो बसों का बेड़ा है उसका भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार हरियाणा के करीब दो दर्जन बस डिपूओं में सैकड़ों बसें ऐसी हैं जो स्पेयर पार्टस के अभाव में खड़ी हैं।
इन बसों की मरम्मत के बाद इन्हें सडक़ों पर दौड़ाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव से पहले खराब हुई बसों की मरम्मत के प्रस्ताव अभी तक अधर में लटके हुए हैं। खराब बसों का मामला ऐसा है जिसमें जिला महाप्रबंधकों को मरम्मत के लिए मुख्यालय से मंजूरी लेनी होती है। जिसके चलते यह मामला लंबित हो जाता है। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव बलवान सिंह दोदवा के अनुसार इस समय औसतन सभी डिपो में 10 से 15 बसें खराब खड़ी हैं। कई बार तो स्पेयर पार्टस के अभाव में खराब बसें दो से तीन दिन तक सडक़ों पर ही खड़ी रहती हैं।

इस बारे में हरियाणा की परिवहन मंत्री का कहना कि यह मामला मेरे संज्ञान में आ चुका है। सभी जिला महाप्रबंधकों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वह अपने-अपने डिपो में खराब बसों की मरम्मत करवाने का काम शुरू करें। मुख्यालय को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह बिना किसी ठोस कारण के इन फाइलों को न अटकाएं। स्पेयर पार्टस के अभाव में डिपो में खड़ी बसों को जल्द चलाया जाएगा।
हरियाणा की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

[MORE_ADVERTISE1]