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प्रदेश सरकार उठाने जा रही सबसे बड़ा कदम, 30 शिक्षकों की जाएगी नौकरी

Ruchi Sharma

Publish: Sep 15, 2019 11:20 AM | Updated: Sep 15, 2019 11:20 AM

Kannauj

अपर मुख्य सचिव ने बीएसए को जारी पत्र में बैठक आयोजित कर एफआईआर

कन्नौज. सरकारी विश्वविद्यालय शिक्षकों को लेकर बड़ी खबर है। जिले के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में बीएड डिग्री हासिल कर सहायक अध्यापक पद पर भर्ती होने वाले 30 शिक्षकों के कागजों में हेरफेर मिलने के बाद अब सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। एेसे शिक्षकों को बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। अपर मुख्य सचिव ने बीएसए को जारी पत्र में बैठक आयोजित कर एफआईआर, वेतन रोकने व बर्खास्तगी की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि एसआईटी( विशेष अनुसंधान दल) की रिपोर्ट में दोषी पाए गए फर्जी/टैंपर्ड कार्मिकों के विरुद्ध तत्काल वेतन रोकने, एफआईआर दर्ज करने व बर्खास्तगी की कार्रवाई को अमल में लाया जाए। वह अपने स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित कर लें।

सोमवार को होगी बैठक

पत्र में कहा गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही से न्यायालय से राहत प्रदान होती है तो इसकी जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों व जिला प्रशासन की होगी। कार्रवाई की प्रक्रिया से एक सप्ताह के अंदर अवगत कराया जाए। बीएसए दीपिका चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले को लेकर सोमवार को खंड शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। दोषी कार्मिकों को बर्खास्त करने व वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

30 शिक्षतों के कागजों में हेरफार

डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में बीएड की डिग्री हासिल कर सहायक अध्यापक पद पर भर्ती होने वाले तीस शिक्षकों के कागजों में हेरफेर मिलने के बाद आठ सितंबर को बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी किया गया है। 29 ने अपना स्पष्टीकरण विभाग को भेज दिया है। एक नोटिस पता गलत होने से बैरंग हो गया।