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तीन दिनों से नदी के टापू पर फंसे थे 6 मछुआरे, SDRF की टीम ने घंटों मेहनत के बाद निकाला बाहर

Akanksha Agrawal

Publish: Aug 16, 2019 11:15 AM | Updated: Aug 16, 2019 11:15 AM

Kanker

बाढ़ में फंसे 6 मछुआरों को जगदलपुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने बुधवार को कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

कांकेर/पखांजूर. तीन दिन पहले मेढक़ी नदी की बाढ़ में (Kanker news in hindi) फंसे 6 मछुआरों को जगदलपुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने बुधवार को कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मेढक़ी नदी में फंसे मछुआरों को बचाने के लिए मंगलवार शाम से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था, सफलता नहीं मिली तो जगदलपुर से SDRD टीम को बुलाया गया।

प्रतापपुर थाना क्षेत्र चंदनपुर ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पीवी-71 के 6 और पीवी-72 के 1 एक कुल 7 मछुआरे मेढक़ी नदी में मछली पकडऩे सोमवार को सुबह एक साथ गए थे। लगातार बारिश के चलते अचानक नदी का जलस्तर बढ़ जाने से सभी टापू में फंस गए। देखते ही देखते नदी में उफान और बढ़ गया। बाढ़ के चलते टापू भी पानी में डूब गया तो सभी पेड़ पर चढ़ गए।

मंगलवार को सुबह सुधांशु गोलदार किसी तरह से पेड़ से नीचे उतरा और साथ ले गए एक डोंगा का सहारा लेते हुए नदी के बाहर आ गया। दोपहर बाद सुधांशु खुद प्रतापपुर थाना पहुंच मेढक़ी नदी में फंसे अपने 6 साथियों की जानकारी दी। सुधांसु ने बताया कि गोपाल वर्मन (22) पुत्र रविंद्र मंडल, रतन राय (24) पुत्र सुबोध राय, देवा मंडल (19) पुत्र शासन मंडल, उत्तम बढ़ाल (21) पुत्र गौरांग बढ़ाल, मंटू तालुकदार (26) पुत्र चित्त तालुकदार और रंजीत हालदार (26) मेढक़ी नदी में बाघबड़ा स्थान पर बीच नदी के टापू में फंसे हैं। मछुआरों के पास नाव की सुविधा नहीं है।

सूचना के बाद प्रतापपुर थाना प्रभारी ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। शाम को पखांजूर तहसीलदार शेखर मिश्रा अपने टीम के साथ प्रतापपुर थाना पहुंच गए। जहां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। मंगलवार रात 10 बजे तक रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिली। संसाधन विहिन रेस्क्यू टीम रस्सी और ट्यूब का सहारा लेते हुए बुधवार सुबह नदी में उतरने की कोशिश की पर हिम्मत नहीं जुटा पाई। सभी कोशिशें नाकाम होने पर तहसीलदार ने जिला प्रशासन को सूचना दी। जगदलपुर से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

मोटरबोट के साथ जगदलपुर रेस्क्यू टीम प्रतापपुर शाम चार बजे पहुंंची। 15 किमी दूर तीन पहाडिय़ों को पार करते हुए मेढक़ी नदी बाघबड़ा में ऑपरेशन शुरू कर दिया। नदी में तेज बहाव के बीच एसडीआरएफ टीम ने सभी को सकुशल देर शाम सात बजे तक सभी को सुरक्षित निकाल लिया।

एल्मुनियम की नौका को ले जाने 25 लोग लगे पर नहीं पहुंची
जिला आपदा प्रबंधन के पास एक पुरानी एल्मुनियम की नौका है। उक्त नौका को कांकेर जिला मुख्यालय से प्रतापपुर थाना तक एक ट्रक से पहुंचा गया। वहां से नौका आगे ले जाने के लिए कोई संसाधन नहीं था। किसी तरह से 25 लोगों ने हिम्मत कर कुछ दूर तक ले गए पर थक हार बीच में ही छोड़ दिया। नौका मौके तक नहीं पहुंच पाने के कारण रेस्क्यू टीम नदी में नहीं घुस सकी और रातभर हाथ पर हाथ धरे बैठी थी।

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रस्सी और ट्यूब के सहारे उफनती नदी में रखा कदम फिर भी नहीं बढ़ पाए आगे
मेढक़ी नदी में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम के पास सिर्फ रस्सी और ट्यूब हाथ में था। उफना रही मेंढक़ी नदी में मंगलवार को शाम रेस्क्यू टीम ने जैसे ही कदम रखा पानी के तेज बहाव में बाहर आ गए। दो-तीन बार की कोशिश के बाद संसाधन विहिन रेस्क्यू टीम फेल हो गई। सुबह तक नदी में पानी की रफ्तार कम नहीं हुई तो जगदलपुर का सहारा लेना पड़ गया। पत्रिका टीम भी मदद में जुटी थी।

कलक्टर कांकेर केएल चौहान ने बताया कि बाढ़ में ग्रामीणों को सकुशल निकालने के लिए कांकेर से रेस्क्यू टीम लगी है। जगदलपुर से एसडीआरएफ की टीम आई है, मेढक़ी नदी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

 

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