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बारिश में डूबे कांकेर के कई इलाके, जान की बाज़ी लगाकर स्कूल जाने पर बच्चे मजबूर

Deepak Sahu

Publish: Aug 10, 2019 19:11 PM | Updated: Aug 10, 2019 19:11 PM

Kanker

जान हथेली पर रखकर बाढ़ में स्कूल पढ़ने जा रहे है बच्चे क्या यही नया छत्तीसगढ़ रच रही सरकार

कांकेर:छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश ने तबाही मचा राखी है। जिसके बाद प्रदेश की बड़ी आबादी बढ़ से प्रभाकवित है। जिससे कांकेर जिला भी अछूता नहीं है।

दरअसल कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक की यह तस्वीर ने बारिश के मौसम में विकास पूरी पोल खोलकर रख दी है। एक ओर अंजारी नदी और दूसरी ओर कलरकूटनी नदी में आए उफान की वजह से कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। इस क्षेत्र में हाईस्कूल न होने की वजह से सैकड़ों छात्र छात्राओं को बरसात के दिनों में उफनती कलरकूटनी नदी को पार कर स्कूल जाना पड़ता है। कुछ दिन पहले इस नदी में ग्रामीणों ने लकड़ी की पुलिया बनाया था, लेकिन बारिश में वह भी बह गई।

छात्रों ने बताया कि रोजाना जान जोखिम में डालकर टीन से बनी डोंगी के सहारे स्कूल जाने को मजबूर है। सरकार को हमारी परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों का उदासीन रवैया देखने को मिल रहा है।

इस बारे में जानकारी होने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की पहल नहीं हो रही है। वहीं ग्रामीणों को रोजमर्रा के सामान के लिए उफनती नदी को पार
करना पड़ता है। बरसात के दिनों किसी ग्रामीण की तबीयत बिगडऩे तो यहां संजीवनी एक्सप्रेस 108 नहीं पहुंच सकती है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को काफी मशक्कत के बाद मरीज को इसी डोंगी के सहारे नदी पार कर स्वस्थ्य केंद्र पहुंचाना पड़ता है।