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शिक्षाकर्मियों के तबादले से बड़ी गड़बड़ी, अब गलती पकड़ी गई तो कहा - ऐसा नहीं करना..

Chandu Nirmalkar

Publish: Jul 18, 2019 17:22 PM | Updated: Jul 18, 2019 17:22 PM

Kanker

CG Shikshakarmi: सवाल खड़ा हो रहा कि बिना संविलियन हुए (Education Department) शिक्षकों (Teachers) ने तबादले (Transfer) के लिए कैसे शिक्षा विभाग में पत्र लगा दिया

कांकेर. थोक के भाव में शिक्षा विभाग (CG Shikshakarmi) में तबादले के खेल में बड़ा झोल सामने आ रहा है। शिक्षा विभाग (Chhattisgarh Education department) ने ऐसे शिक्षाकर्मियों (Chhattisgarh Shikshakarmi) का तबादला (Transfer) कर दिया जो जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधीन नौकरी कर रहे हैं। पत्रिका के पड़ताल में मामला पकड़ में आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में ऐसे शिक्षाकर्मियों के तबादले पर जिला शिक्षा अधिकारी ने रोक लगा दी। अब ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि बिना संविलियन हुए शिक्षकों ने तबादले के लिए कैसे शिक्षा विभाग में पत्र लगा दिया, इस तबादले में बड़ी गड़बड़ी उजागर हो रही है।

शिक्षा नीति में किया गया है बदलाव
शिक्षा विभाग व अन्य शाखाओं में तबादले की नीति में फिलहाल कुछ बदलाव किया गया है। पहले विभागीय मंत्री के अनुमोदन पर शिक्षकों का तबादला होता था। प्रदेश में सरकार के बदलाव के बाद ही स्थानांतरण नीति में भी तब्दीली कर दिया गया है। अब जिले के प्रभारी मंंत्री के अनुमोदन पर शिक्षकों का तबादला किया गया है। इसी नीति पर प्रदेश में पहली बार थोक के भाव स्थानांतरण के लिए आवेदन आया था।

मन पसंद स्कूल में तबादले के लिए मांगा गया आवेदन
नए नियम और निर्देश के आधार पर सिर्फ 10 प्रतिशत ही स्थानांतरण किया जाना था। सभी शिक्षा कर्मचारियों को मन पसंद स्कूल में तबादला लेने के लिए आवेदन मांगा गया था। आवेदन स्वीकार करने की तिथि भी निर्धारित की गई थी। शिक्षा विभाग में सिर्फ शिक्षकों के आवेदन को ही स्वीकार करना था। पर यहां जिला पंचायत और जनपद पंचायत के शिक्षाकर्मियों ने भी स्थानांतरण के लिए पत्र लगा दिया।

अब शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से शिक्षाकर्मियों को भी संविलियन शिक्षक दिखा दिया और स्थानांतरण की सूची में नाम जोड़ संचालनालय को भेज दिया गया। संचालनालय से तबादला की सूची जारी होते ही शिक्षा में विभाग में हड़कंप मच गया। ऐसे लोगों का तबादला हो गया जो जिला पंचायत और जनपद पंचायत के कर्मी हैं।

अब ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि जुगाड़ के डंका में शिक्षा में विभाग ने ऐसा डंडा चलाया कि दूसरे विभाग के कर्मियों का तबादला हो गया। सूत्रों की माने तो तबादला में प्रभारी मंत्री ने जिस सूची पर मोहर लगाई थी उसे बदल दिया गया है। जबकि प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पर ही तबादला होना था।

इससे साफ जाहिर हो रहा कि स्थानांतरण नीति में बड़ी गड़बड़ी है। जुगाड़ के बल पर लोगों ने अपने-अपने नाम जोड़वा लिए और तबादला भी हो गया। प्रभारी मंत्री के अनुमोदन की लिस्ट गायब होने से जुगाड़ में लगे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।

नियमित शिक्षकों ने किया हंगामा तो अफसर बोले, रद्द होगी सूची
शिक्षा विभाग में नियमित शिक्षकों का तबादला नहीं होने पर हंगामा खड़ा हो गया। शिक्षाकर्मियों के तबादले पर रेगुलर शिक्षकों ने सवाल खड़ा किया तो अफसरों ने कहा गलती से यह हो गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग में तबादले की नीति ही सवालों के घेर में आ गई है। सभी आवेदकों के आवेदन को जांच के लिए टीम का गठन किया गया था। शिक्षा विभाग में वर्षों से कुडली मारकर बैठे जिम्मेदारों को ही जांच करनी थी। रेगुलर शिक्षकों का ही स्थानांतरण होना था। ऐसे में उन शिक्षाकर्मियों का नाम कैसे पड़ गया। कहीं न कहीं चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पद के आगे एलबी लिखकर गुमराह किया गया। मामला पकड़ में आया तो जिम्मेदार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

हां, शिक्षकों की जो तबादला लिस्ट जारी हुई है उसमें कुछ शिक्षाकर्मियों का नाम जुड़ गया है। वह गलती से हो गया है। आवेदन ने अपने नाम के आगे एलबी लिख दिया था ऐसे में जांच में पकड़ में नहीं आया था। ऐसे लोगों का नाम सूची से हटा दिया जाएगा।
अर्जन मेश्राम, डीईओ कांकेर

 

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