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भारत-फ्रांस के बीच हुई पेयजल प्रोजेक्ट संधि का जोधपुर को जल्द मिलेगा फायदा, दिवाली के बाद होगी सप्लाई

Harshwardhan Singh Bhati

Publish: Oct 23, 2019 12:55 PM | Updated: Oct 23, 2019 12:55 PM

Jodhpur

टेस्टिंग शुरू, फ्रांस फंडिंग का प्लांट दिवाली बाद पिलाएगा पानी, 90 एमएलडी के सबसे बड़े प्लांट की टेस्टिंग हुई शुरू- तीन लाख की आबादी को मिलेगी राहत

अविनाश केवलिया/जोधपुर. भारत और फ्रांस सरकार के बीच पेयजल प्रोजेक्ट को लेकर हुई संधि के तहत सबसे बड़े प्लांट में से एक तख्तसागर फिल्टर प्लांट बन कर तैयार हो गया है। इसकी टेस्टिंग शुरू हो गई है। दिवाली बाद यह तीन लाख से अधिक आबादी को पानी पिला सकेगा। इससे कई वंचित क्षेत्र में भी पेयजल सप्लाई होगी।

जोधपुर के तख्तसागर के समीप पहाड़ी पर सबसे बड़े फिल्टर प्लांट में से एक शुरू होने वाला है। इसका काम पूरा हो चुका है। जलदाय विभाग के प्रोजेक्ट विंग ने इसकी टेस्टिंग शुरू कर दी है। दिवाली बाद इसको वर्र्किंग में लाया जाएगा। फ्रांस की कंपनी एएफडी के साथ हुए एमओयू के तहत इस प्लांट को तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत फिल्टर प्लांट के साथ ही कई पानी की टंकियां व नई पाइप लाइन भी बिछाई गई है। इस प्लांट से झालामंड क्षेत्र के गांवों व कुड़ी क्षेत्र तक पेयजल सप्लाई बिना किसी पम्प के जरिए होगी। ऐसे में विभाग का दावा है कि यह पहला एनर्जी सेवर फिल्टर प्लांट भी होगा।

दोनों आधुनिक प्लांट के कंधों पर होगी पेयजल सप्लाई
जल्द ही शहर की पूरी पेयजल सप्लाई आधुनिक तकनीक पर बने फिल्टर प्लांट पर निर्भर होगी। सुरपुरा फिल्टर प्लांट भी 90 एमएलडी का बना है। यह काम करना शुरू चुका है। इससे करीब 3.5 लाख लोगों को पेयजल सप्लाई हो रही है। इस प्लांट से लगातार कई क्षेत्र जोड़े जा रहे हैं। तख्तसागर फिल्टर प्लांट भी इसी तर्ज पर बना हुआ है। अब पुराने फिल्टर प्लांट में सिर्फ कायलाना, चौपासनी के ही दो-दो प्लांट बचेंगे।

3 फिल्टर प्लांट होंगे
इस नए प्लांट के शुरू होने के बाद अलग-अलग क्षमता के झालामंड के तीन फिल्टर प्लांट बंद होंगे। ये सभी प्लांट जवाई नहर के समय बने थे।

फैक्ट फाइल
-90 एमएलडी का शहर का दूसरा प्लांट होगी। सुरपुरा फिल्टर प्लांट भी इतनी ही क्षमता का है।
- 48 करोड़ की लागत है इस प्लांट की।
- 3 लाख से अधिक आबादी इससे लाभांवित होगी।

इनका कहना...
इस प्लांट का काम पूरा हो चुका है। अभी हम टेस्टिंग कर रहे हैं। तख्तसागर से पानी लेकर काम शुरू किया है। जल्द ही यह वर्र्किंग स्थिति में आएगा।
- निर्मल सिंह कच्छवाह, अधीक्षण अभियंता प्रोजेक्ट, पीएचइडी जोधपुर