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राशन के गेहूं के लिए इस गांव में सुबह पांच बजे लग जाती है लाइनें

Pawan Kumar Pareek

Publish: Oct 21, 2019 11:41 AM | Updated: Oct 21, 2019 11:41 AM

Jodhpur

राशन के गेहूं के लिए लम्बी-लम्बी लाइनें लगना तो आम बात है परन्तु अब लोगों को राशन के लिए सुबह 5 बजे ही वितरण केन्द्र के आगे पड़ाव डाल रहे हैं।

बालेसर (जोधपुर). राशन के गेहूं के लिए लम्बी-लम्बी लाइनें लगना तो आम बात है परन्तु अब लोगों को राशन के लिए सुबह 5 बजे ही वितरण केन्द्र के आगे पड़ाव डाल रहे हैं। सुबह भोर निकलने से पहले ही लोगों को राशन के गेहूं की चिंता सताने लगती है।

यह मामला रेतीले धोरों में स्थित राशन केन्द्र का नहीं बल्कि बालेसर कस्बे से महज कुछ दूरी पर स्थित जलंधरनगर ग्राम पंचायत के राशन वितरण केन्द्र का है। यहां के लोगो को यदि गेहूं लेना है तो सुबह पांच बजे ही राशन केन्द्र पर आकर बैठना पड़ता है। यह लोगों की मजबूरी है या सिस्टम के काम करने का तरीका।

ऐसी दुविधाओं के चलते आमजन प्रभावित है। यहां के राशनकार्ड धारकों का कहना है कि महिने में मात्र दो दिन राशन वितरण की दुकान खोली जाती है। इसमें कई बार समय पूरा होने का कहकर टरका दिया जाता है। इसके चलते लोगों को घंटों कतार में लगने के बाद निराश लौटने को मजबूर हैं।

सैंकड़ों ग्रामीण हो रहे प्रभावित

गेहूं वितरण को लेकर राशन डीलर के रवैये के चलते जलंधर नगर ग्राम पंचायत के उम्मेद नगर, अमृत नगर, पृथ्वीराज नगर राजस्व गांवों के सैंकड़ों कार्डधारक परेशान है। समाजसेवी कुन्दन सिंह ईन्दा का कहना है कि गेहूं वितरण में गड़बड़ी से गरीब लोग परेशान है। वास्तविकता में जिन लोगों को गेहूं की जरूरत है उन्हें सुबह पांच बजे आना पड़ता है , बाकी प्रभावशाली लोग तो कभी भी आकर अपना गेहूं ले जाते है। लोग राशन वितरण में गड़बड़ी व स्टॉक के जांच की मांग कर रहे हैं।