स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

खरीफ फसल कटाई शुरू, मूंग-बाजरा की सरकारी खरीद की कोई तैयारी नहीं

Harshwardhan Singh Bhati

Publish: Sep 22, 2019 14:43 PM | Updated: Sep 22, 2019 14:43 PM

Jodhpur

बाजार भाव समर्थन मूल्य से नीचे होने से उचित भावों को लेकर किसान आशंकित

 

अमित दवे/जोधपुर. जिले में खरीफ सीजन की फ सल कटाई शुरू हो गई है। किसान खेतों में पकी हुई फ सलें समेटने में लगे हुए हैं। इस माह के अंत तक मंडियों में नई फ सल की व्यापक आवक शुरू होने की उम्मीद है। इस बार सहकारी ऋ ण नहीं मिलने से कृषि आदान खरीद का बकाया चुकाने के लिए किसान भी फ सल तैयार कर फ सल के बेचान से बकाया चुकाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में किसानों की चिंता समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीयन करने व खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने को लेकर सामने आ रही है। फ सल पकते ही उसे बेचने की मजबूरी व मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे भाव होने के कारण किसान उचित मूल्य को लेकर आशंकित हैं।

जिले में 2 लाख 65 हजार हैक्टेयर में मूंग, एक लाख हैक्टेयर में मूंगफ ली व 3 लाख 83 हजार हैक्टेयर में बाजरे की बुवाई हुई है जिसका अनुमानित उत्पादन मूंग का 2 लाख 48 हजार मीट्रिक टन, मूंगफ ली का 2 लाख 87 हजार मीट्रिक टन व बाजरे का 5 लाख मीट्रिक टन के लगभग होने का अनुमान है। अगर समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हो पाती है तो जिले के किसानों को तय समर्थन वाली फ सलें बाजरा, मूंग व मंूगफ ली की फ सल में बाजार भाव से 700 करोड़ से अधिक का नुकसान होने की आशंका है।


समर्थन मूल्य व बाजार मूल्य रुपए प्रति क्ंिवटल व अनुमानित उत्पादन लाख मीट्रिक टन में

फ सल -- समर्थन मूल्य -- बाजार भाव -- अनुमानित उत्पादन
मूंगफ ली -- 5090 -- 4500 --- 2.87
मूंग -- 7050 -- 5500 --- 2.48
बाजरा -- 2000 -- 1700 --- 5.00

---
जिले में फ सल बुवाई क्षेत्र

(बुवाई हैक्टेयर में)
फसल ---- बुवाई

बाजरा ---- 3.83,000
ज्वार ---- 61,000
मूंग ---- 2,65,000
मोठ ---- 93,000
मूंगफली ---- 1,00,000
तिल ---- 32,000
अरंडी ---- 15,500
कपास ---- 60,000
ग्वार ---- 1,76,000
अन्य ---- 1,65,000

इनका कहना है
समर्थन मूल्य पर खरीद हेतु के लिए न तो पंजीयन शुरू हुए है और न ही खरीद प्रक्रिया शुरू करने के लिए कोई तैयारी है। समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नही होती है तो किसानों को मजबूरी में कम भाव में फ सलें मंडियों में बेचनी पड़ेगी।
तुलछाराम सिंवर, प्रान्त प्रचार व आंदोलन प्रमुख, भारतीय किसान संघ जोधपुर प्रान्त