स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

महिला संवेदनशील होती है, सहयोग देने व लेने की भावना रखें - डॉ. ओमकुमारी

Harshwardhan Singh Bhati

Publish: Oct 21, 2019 14:17 PM | Updated: Oct 21, 2019 14:17 PM

Jodhpur

सूर्यनगरी में अब दोनों नगर निगम में महिलाएं कमान संभालेगी। जोधपुर नगर निगम बनने के बाद महिला महापौर के तौर पर अपना पहला और अब तक का एकमात्र कार्यकाल पूरा करने वाली डॉ. ओमकुमारी गहलोत ने अपने अनुभव कुछ इस तरह से साझा किया। डॉ. गहलोत की कहानी उन्हीं की जुबानी

अविनाश केवलिया/जोधपुर. ‘सरकार ने जोधपुर में दो नगर निगम व महापौर का जो निर्णय किया उसका स्वागत है। आरक्षण में दोनों महिला सीट आई यह और भी ज्यादा खुशी की बात है। महिलाओं को योग्यता और वर्चस्व दिखाने का मौका मिलेगा। कई बार नई चुनौतियों के सामने महिलाएं घबरा जाती हैं। मैं सरकारी नौकरी में रही। वहां प्रशासनिक कार्यकाल रहा तो जब महापौर का काम देखना शुरू किया तो बहुत ज्यादा कठिनाई नहीं आई। कई बार परेशानी होती थी। लेकिन अच्छी बात यह थी कि मेरे साथ सभी अधिकारी आईएएस रहे।

उनकी और मेरी मानसिकता अधिक से अधिक काम करवाने की थी। मेरे समय में सरकार भाजपा की थी और बोर्ड कांग्रेस का था। ऐसे में बजट की सबसे ज्यादा समस्या रही। सरकार का सहयोग कम था। सरकार ने चुनौती दी कि खुद कमाओ और खर्च करो। इसे भी हमने स्वीकार किया। सरकारी विभागों से अधिकांश वसूली की। 60 पार्षद थे उस समय, उन्होंने जो मांगा और जितनी आमदनी थी उस हिसाब से काम करवाया।

एक महिला का स्वभाव संवेदनशील और अपनत्व वाला होता है। सभी से अपील है कि महिला जो भी आए उसे सहयोग देने और लेने की भावना रखें। जोधपुर शहर का किस प्रकार से विकास हो यही ध्येय होना चाहिए। जो भी नेतृत्व संभाले वह पहले क्षेत्रवार आवश्यकताओं की प्राथमिकता तय करें। पार्षदों व अधिकारियों के प्रति महिलाओं को भी संवेदनशील रहना चाहिए। महिला भी अपने स्वभाव को आक्रामक न रखते हुए सभी के साथ मिलकर काम करे तो विकास की पटरी पर गाड़ी तेजी से दौड़ेगी।’

(सूर्यनगरी में अब दोनों नगर निगम में महिलाएं कमान संभालेगी। जोधपुर नगर निगम बनने के बाद महिला महापौर के तौर पर अपना पहला और अब तक का एकमात्र कार्यकाल पूरा करने वाली डॉ. ओमकुमारी गहलोत ने अपने अनुभव कुछ इस तरह से साझा किया। डॉ. गहलोत की कहानी उन्हीं की जुबानी। )