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हैप्पी लाइफ मंत्रा - सब रोगों की एक दवाई, हंसना सीखो मेरे भाई

MI Zahir

Publish: Oct 21, 2019 19:03 PM | Updated: Oct 21, 2019 19:03 PM

Jodhpur

जोधपुर.खुश रहना एक फन-एक कला है। इसलिए हमेशा हंसते और मुस्कुराते रहिए ( always laugh and smile ) । जो हंसता रहता है उसकी सेहत भी अच्छी रहती है। राष्ट्रसंत चंद्रप्रभ सागर ( sant chandraprabh sagar ) ने संबोधि धाम में आयोजित आयोजित जीवन निर्माण संगोष्ठी ( Life building seminar ) में यह हैप्पी लाइफ मंत्र ( Happy Life Mantra ) दिया।

 

 

 

 


जोधपुर.राष्ट्रसंत चंद्रप्रभ सागर ( sant chandraprabh sagar ) ने कहा कि सब रोगों की एक दवाई हँसना सीखो ( always laugh and smile ) ऐ मेरे भाई। जेब में भले ही न हो मोबाइल, पर चेहरे पर जरूर रखिए स्माइल ( always laugh and smile )। उन्होंने कहा कि जीवन को चाहे खुशी से जीयो ( Happy Life Mantra ) चाहे गम से, जीना तो होगा। जब जीवन को खुशी से जीया जा सकता है तो फिर गम का ठीकरा सिर पर क्यों ढो ? फिर जि़ंदगी वह गीत है, जिसे सबको गुनगुनाना चाहिए। भले ही जीवन में गम के गड्ढे क्यों न आते हों, हमें उसमें उतरने के बजाय हंस कर लांघ लेना चाहिए।

वे संबोधि धाम में आयोजित जीवन निर्माण संगोष्ठी ( Life building seminar ) में शहर के बाशिंदों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फैसला कीजिए कि मैं हर हाल में खुश रहूँगा। अपने इस फैसले पर सौ नुकसान झेल कर भी अडिग रहिए। स्वर्ग का आनंद आप जीते जी उठा लेंगे। अगर हम चाहते हैं कि दूसरे लोग हमसे खुश रहें तो पहला काम है उनके साथ समझौता कीजिए और दूसरा काम है उनकी कमियों की अनदेखी कीजिए। गम में कभी भी इतने मत डूबिए कि लोग हमें देख कर अपनी खुशियाँ भूल बैठें। हम तो वह खुशमिजाज इंसान बनें कि लोग हमें देखकर अपना गम भूल बैठें।

उन्होंने कहा कि रोने से तो आँसू भी पराये हो जाते हैं, पर खुश रहने से पराये भी अपने हो जाया करते हैं। हम दूसरों को इतनी खुशियाँ बाँटें कि हमारे जीवन का फू ल मुरझा भी जाए, तब भी अपनी खुशबू का एहसास करवाता रहे।

मुनि ने कहा कि किसी को भी तकलीफ देने से मुमकिन है आपको खुशी मिले, पर किसी को खुशी देने से शर्तिया आपको तकलीफ कभी नहीं मिलेगी। लोग उन्हें खुशनसीब मानते हैं, जिनके नसीब अच्छे हैं। मैं उन्हें खुशनसीब मानता हूं, जिन्हें जैसा नसीब मिला है, वे उसी में हरदम खुश रहते हैं। जि़ंदगी उसी को आजमाती है, जो हर मोड़ पर चलना जानता है। कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कराता है, जिंदगी असली उसी की होती है, जो सब कुछ खोक र भी मुस्कुराना जानता है। जीवन में अनुकूल और प्रतिकूल संयोग तो पार्ट ऑफ लाइफ है, पर प्रतिकूल संयोग बन जाने पर भी अपने आपको खुश और तनावमुक्त रखना निश्चय ही आर्ट ऑफ लाइफ है। खुशी का निमित्त मिलने पर तो सभी $खुश होते हैं, पर जीवन जीने की कला यही है कि हम बिना वजह के भी खुश रहने की आदत डाल लें, ताकि नाखुशी का कोई भी निमित्त हम पर हावी न हो पाए।
उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोचेंगे तो नाखुशी मिलेगी, सकारात्मक सोचेंगे तो खुशी मिलेगी। अपनी जेब में हमेशा ऐसा सिक्का रखिए, जिसके दोनों ओर खुशी ही खुदी हो।
चित गिरे, तब भी खुश और पट गिरे, तब भी खुश। हैप्पी लाइफ का यही है नुस्खा। वास्तुशास्त्री कहते हैं कि घर में किसी तरह का तनाव या टूटन हो तो लाफिं ग बुद्धा का स्टेच्यू घर में रखिए। मैं सलाह दूँगा कि लाफिं ग बुद्धा का स्टेच्यू रखने से पहले खुद को ही लाफि ंग बुद्धा बना लें। लाफिं ग बुद्धा यानी हँसता-मुस्कुराता हुआ ज्ञानी पुरुष। जीवन में सच्ची खुशी तब मिलती है, जब हम दूसरों के लिए मदद का हाथ बढ़ाते हैं। याद रखिए, किसी की मदद के लिए एक हाथ बढ़ाना भगवान को दो हाथ जोडऩे से अधिक मूल्यवान है। इससे पूर्व डॉ मुनि शांतिप्रिय सागर ने साधकों को आरोग्य लाभ के लिए सूर्य नमस्कार और योगिक क्रियाओं के प्रयोग करवाए। इस दौरान शहर के बाशिंदों ने जीवन विकास के लिए गुरुजनों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।