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पांच साल की सुमन ने दी मौत को मात

Jitendra Singh Rajpurohit

Publish: Jan 23, 2020 02:25 AM | Updated: Jan 23, 2020 02:25 AM

Jodhpur

-आग से धधकते झोपड़े के बीच खुद की व दो छोटी बहनों की बचाई जान

-मोड़ी सोथड़ां में आग से दो झोंपड़े खाक, तीन बेटियां सकुशल बची
- दो घंटे में ग्रामीणों ने पाया आग पर काबू, अनाज व नकदी भी जले

जोधपुर/धुंधाड़ा. जाको राखे साईंया, मार सके न कोय....। यह उक्ति क्षेत्र के मोड़ी सोथड़ां गांव में उस समय चरितार्थ हुई जब एक साथ दो झोंपों में लगी आग के बीच तीन छोटी बालिकाएं सकुशल बाहर आ गई। तीनों बालिकाओं को सकुशल देखकर परिजन सहित ग्रामीणों ने भगवान का शुक्रिया अदा किया।

हुआ यूं कि क्षेत्र के मोड़ी सोथड़ां गांव में बुधवार अपराह्न तीन बजे दो झोपड़ों में आग लग गई। आग से झोपड़ों में रखा घरेलू सामान, अनाज व नकदी भी जल गई। ग्रामीणों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद झोंपों में लगी आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस दौरान झोंपे में खेल रही तीन बच्चियां सकुशल बाहर आ गई। आग की लपटें उठते ही पांच साल की बालिका ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी दो छोटी बहनों की जान बचाकर उन्हें झोंपे से बाहर लेकर आ गई।
पूर्व सरपंच नरपतसिंह राजपुरोहित ने बताया कि गांव में रहने वाले मूलनाथ व उसके भाई मांगनाथ पुत्र पारसनाथ दोनों ही अपने परिजनों के साथ मजदूरी पर गए हुए थे। बुधवार अपराह्न करीब तीन बजे दोनों के रहवासी झोंपों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने से झोपड़ों में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, करीब दो तोला सोने व पांच सौ ग्राम चांदी के गहने, एक बाइक व बीस हजार की नकदी जलकर राख हो गई।

सकुशल बची तीन बेटियां
झोंपों में लगी आग के दौरान मूलनाथ के पांच साल की सुमन, तीन साल की कविता व डेढ़ साल की काली झोंपों में ही रह गई। आग की लपटों के बावजूद तीनों ही बेटियां खुद ही आग से बाहर आ गई। तीनों ही बेटियों को सकुशल देखकर परिजनों की जान में जान आई तथा भगवान का शुक्रिया अदा किया। सूचना मिलने पर लूणी थाना पुलिस व पटवारी मौके पर पहुंचे तथा फर्द रिपोर्ट बनवाई। वहीं ग्रामीणों ने पीडि़त परिवारों को मौके पर ही ग्यारह हजार रुपए की सहायता दी तथा खाद्य सामग्री का सहयोग किया।

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