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भाभी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले देवर को 10 वर्ष की सजा

Ranveer Choudhary

Publish: Jul 20, 2019 22:20 PM | Updated: Jul 20, 2019 22:20 PM

Jodhpur

कोर्ट ने लगाया एक लाख रुपये का जुर्माना

 

 

जोधपुर.

महिलाओं के प्रति अपराध की सुनवाई के लिए बने विशेष न्यायालय की न्यायाधीश मनीषा चौधरी ने शनिवार को चरित्र हनन की घमकी देकर एक महिला को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने वाले नेहरू पार्क निवासी देवर श्रीनाथ लोहिया को दस वर्ष के साधारण कारावास और सहयोग करने वाले महिला के जेठूता प्रमोद लोहिया पुत्र श्रीनाथ लोहिया को भी दस वर्ष की सजा सुनाई। दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अंतिम बहस करते हुए अपर लोक अभियोजक श्रवणसिंह राजपुरोहित तथा परिवादी के अधिवक्ता नीलकमल बोहरा ने कहा कि आरोपी ने अपने सगे छोटे भाई की पत्नी को बदनाम करने की नीयत से पत्र भेजा तथा चरित्र हनन की धमकियां दी इसके चलते एक बेगुनाह औरत ने आत्महत्या कर ली। आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने मामले को झूठा बताते हुए बरी करने का निवेदन किया। न्यायालय ( Jodhpur r court news ) ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पिता-पुत्र को सजा सुनाई। विचारण के दौरान दोनों आरोपी अंतरिम जमानत पर थे। फैसला सुनाने के बाद न्यायालय ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

यह है मामला

नेहरू पार्क इलाके में रहने वाले मण्डोर मंडी के व्यापारी अशोक लोहिया पुत्र पुखराज लोहिया ने सरदारपुरा पुलिस थाने मे प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाकर बताया कि उसके चाचा श्रीनाथ लोहिया तथा चाचा के लडक़े प्रमोद लोहिया ने भाइयों के बंटवारे के बीस लाख रुपये देने की जबरन मांग करते हुए उसकी मां के चरित्र को बदनाम करने की धमकियां दी जिससे उसकी माता मधु लोहिया तनाव में आ गई।18 मार्च 2005 को मधु लोहिया ने डिप्रेशन में नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस ने मामला भारतीय दण्ड संहिता की धारा 306 में दर्ज किया तथा अनुसंधान कर न्यायालय में चार्जशीट पेश की।