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नरेन्द्रदत्त को स्वामी विवेकानंद बनाने में खेतड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका

Datar singh Shekhawat

Publish: Sep 05, 2019 12:49 PM | Updated: Sep 05, 2019 12:49 PM

Jhunjhunu

खेतड़ी. स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए गए ऐतिहासिक भाषण की 125वीं वर्षगांठ पर रामकृष्ण मिशन आश्रम के दरबार हाल में बुधवार को युवा सम्मेलन हुआ। जिसमें विश्व प्रसिद्ध युवा वक्ता शरद सागर ने युवाओं का आह्वान किया वे अपने लक्ष्य को निर्धारित कर निरन्तर आगे बढ़ते रहें, लक्ष्य जरूर प्राप्त होगा। खेतड़ी की ऐतिहासिक धरा स्वामी विवेकानंद व राजा अजीत सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नरेन्द्र दत्त को स्वामी विवेकानंद बनाने में राजा अजीत सिंह की म

नरेन्द्रदत्त को स्वामी विवेकानंद बनाने में खेतड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका
खेतड़ी में युवा सम्मेलन, शरद सागर आए
खेतड़ी. स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए गए ऐतिहासिक भाषण की 125वीं वर्षगांठ पर रामकृष्ण मिशन आश्रम के दरबार हाल में बुधवार को युवा सम्मेलन हुआ। जिसमें विश्व प्रसिद्ध युवा वक्ता शरद सागर ने युवाओं का आह्वान किया वे अपने लक्ष्य को निर्धारित कर निरन्तर आगे बढ़ते रहें, लक्ष्य जरूर प्राप्त होगा। खेतड़ी की ऐतिहासिक धरा स्वामी विवेकानंद व राजा अजीत सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नरेन्द्र दत्त को स्वामी विवेकानंद बनाने में राजा अजीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने मिसाइल मैन डा. अब्दुल कलाम, मैट्रो मैन श्रीधरन व स्वामी विवेकानंद के जीवन की सफलताओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद न केवल सन्यासी थे अपितु वे एक वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, सलाहकार व प्रबन्धक थे। यही कारण था कि शिकागो धर्म सम्मेलन के 125 वर्ष पश्चात आज सम्पूर्ण विश्व स्वामी विवेकानंद के उस एतिहासिक भाषण की 125वीं वर्ष गांठ मना रहा है। छात्रों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर स्वामी आत्मनिष्ठानंद, स्वामी योगयुक्तानंद, स्वामी दयासरानंद, स्वामी द्वारकेशानंद, अशोक सिंह शेखावत, प्रदीप सुरोलिया, बजरंगलाल शर्मा, राधेश्याम शर्मा, बिशनाराम चौधरी, भूपेन्द्र सिंह नंगली, शेरसिंह कृष्णिया, महावीर प्रसाद तोगडिय़ा, डा.रामकुमार सिराधना सहित क्षेत्र के 10 विद्यालयो व महाविद्यालयों के छात्रो ने भाग लिया। संचालन रमाकांत वर्मा ने किया।

नरेन्द्रदत्त को स्वामी विवेकानंद बनाने में खेतड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका