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अब निलंबन और मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर शुरू किया धरना

Datar singh Shekhawat

Publish: Nov 08, 2019 11:46 AM | Updated: Nov 08, 2019 11:46 AM

Jhunjhunu

उदयपुरवाटी. राजकीय उमा विद्यालय के प्राचार्य ताराचंद सामोता का एपीओ आदेश रद्द करवाने के लिए छात्र छात्राओं के आंदोलन ने अब नया रूप ले लिया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान समझाइश पर नहीं मानने पर बारहवीं कक्षा के पन्द्रह छात्र छात्राओं को स्कूल से दस दिन के लिए निलंबित करने व मुकदमा दर्ज करने के बाद बाद गुरुवार को छात्र छात्राओं ने निलंबन व मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर स्कूल के गेट के सामने अनिश्चिकालीन धरना शुरू कर दिया।

अब निलंबन और मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर शुरू किया धरना

उदयपुरवाटी. राजकीय उमा विद्यालय के प्राचार्य ताराचंद सामोता का एपीओ आदेश रद्द करवाने के लिए छात्र छात्राओं के आंदोलन ने अब नया रूप ले लिया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान समझाइश पर नहीं मानने पर बारहवीं कक्षा के पन्द्रह छात्र छात्राओं को स्कूल से दस दिन के लिए निलंबित करने व मुकदमा दर्ज करने के बाद बाद गुरुवार को छात्र छात्राओं ने निलंबन व मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर स्कूल के गेट के सामने अनिश्चिकालीन धरना शुरू कर दिया। निलंबित छात्र छात्राओं व अन्य छात्र छात्राओं द्वारा शुरू किए अनिश्चिकालीन धरने में पार्षद अजय तसीड़, पार्षद संदीप जीनगर, मरूसेना के जयंत मूण्ड छात्र छात्राओं का समर्थन करने के लिए पहुंचे। इस दौरान धरने में संबोधित करते हुए पार्षद अजय तसीड़ ने कहा कि नाबालिग विद्यार्थियों को मोहरा बनाकर उन पर राजकार्य बाधा जैसा मुकदमा लगाकर ओछी हरकत की गई। जिसेे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र छात्राओं पर लगाया मुकदमा वापस नहीं लेने तक धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। छात्र छात्राओं पर की गई कार्रवाई के विरोध में उदयपुरवाटी बंद करवाने बात कही।

पूर्व विधायक शुभकरण भी पहुंचे
इस दौरान धरने में पहुंचे पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि स्कूल के विद्यार्थियों पर मुकदमा लगाया गया हो। मांगों को लेकर बीस बीस दिन तक स्कूलों पर ताले लटके रहे है। लेकिन वहां भी प्रशासन की विद्यार्थियों पर मुकदमा दर्ज करने की हिम्मत नहीं हुई। उदयपुरवाटी में छात्र छात्राओं विद्यार्थियों पर की गई कार्रवाई एक ओछी मानसिकता का परिचय दिया है। दिनभर छात्र छात्राएं स्कूल के सामने धरना देते रहे। लेकिन शाम तक वार्ता के लिए मौके पर कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। इस दौरान छात्र छात्राओं के समर्थन में कैलाश तंवर, अंकित ओलखा, बसंत चौधरी, सुरेश जाखड़, संदीप चौधरी, बबलेश वर्मा, विरेन्द्र चौधरी, सोनू जिलेवा, इन्द्रराज सैनी आदि भी धरने में शामिल हुए।

एसडीएमसी सदस्य बोले निरस्त हो मुकदमा
प्राचार्य ताराचंद सामोता का नामांकन रद्द करवाने की मांग को लेकर कर रहे आंदोलन में छात्र छात्राओं के निलंबन व मुकदमा दर्ज होने पर गुरुवार को एसडीएमसी की आपात बैठक हुई। जिससे सदस्यों ने छात्र छात्राओं का निलंबन व मुकदमा निरस्त करने का प्रस्ताव लिया गया। बैठक में वैद्य अरूण कुमार जोशी, राजेन्द्र मारवाल, हरिश शर्मा, दौलतराम, झबरसिंह शेखावत, बनवारीलाल मीणा, संदीप जीनगर, जरूदीन, जगदीश प्रसाद कुमावत आदि शामिल थे।
कक्षाओं में विद्यार्थियों कम रही संख्या
स्कूल खुलने के बाद गुरुवार को लगी कक्षाओं में छात्राओं की संख्या काफी कम रही। किसी कक्षा में दस तो किसी कक्षा में पन्द्रह छात्र छात्राएं ही उपस्थित थे। लगातार तीन से चल रहे आंदोलन को देखते हुए गुरुवार को स्कूल आने वाले छात्र छात्राओं की संख्या बहुत कम रही।

इनका कहना है...
मेरी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में विद्यालय के छात्र छात्राओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए नहीं लिखा गया है। पुलिस थाने के मामले में कानून प्रक्रिया के तहत मामले का निस्तारण किया जा सकता है। जांच में किसी विद्यार्थी के खिलाफ कोई ज्यादती नहीं की जाएगी।
मुरारीलाल शर्मा, एसडीएम

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