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25 सैकेंड में मिलेगी दूध में मिलावट की जानकारी

Gunjan Shekhawat

Publish: Nov 08, 2019 11:46 AM | Updated: Nov 08, 2019 11:46 AM

Jhunjhunu

jhunjhunu news : पिलानी. केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के वैज्ञानिकों की ओर से दूध में मिलावट की जांच करने के लिए विकसित की गई तकनीक एक निजी कम्पनी को गुरुवार को स्थानांतरित कर दी गई। संस्थान में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में सीरी संस्थान के निदेशक डा. डीके असवाल एवं गुरुग्राम स्थित क्यूबॉयड आईओटेक कम्पनी के अधिकारियों के साथ एक समझौते के तहत तकनीक कम्पनी प्रतिनिधियों को सौंपी गई। कम्पनी समझौते के तहत तकनीक के उपकरणों का निर्माण कर उपभोक्ताओं के लिए मुहैया करवाए

पिलानी. केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के वैज्ञानिकों की ओर से दूध में मिलावट की जांच करने के लिए विकसित की गई तकनीक एक निजी कम्पनी को गुरुवार को स्थानांतरित कर दी गई।
संस्थान में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में सीरी संस्थान के निदेशक डा. डीके असवाल एवं गुरुग्राम स्थित क्यूबॉयड आईओटेक कम्पनी के अधिकारियों के साथ एक समझौते के तहत तकनीक कम्पनी प्रतिनिधियों को सौंपी गई। कम्पनी समझौते के तहत तकनीक के उपकरणों का निर्माण कर उपभोक्ताओं के लिए मुहैया करवाए जाएंगे।


गौरतलब है कि पिछले दिनों संस्थान के वैज्ञानिकों ने फास्ट ट्रैक ट्रांसलेशन प्रोजेक्ट के तहत दूध की जांच के लिए 'क्षीर स्कैनरÓ नामक उपकरण का निर्माण किया था। यह उपकरण दूध में मिले नमक, यूरिया, कॉस्टिक सोडा, अमोनियम सल्फेट आदि की जांच करता है। मात्र 20 से 25 सैकेंड में उपभोक्ताओं को मिलावट की जानकारी देता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि किसान के घर से निकलने के बाद विभिन्न माध्यमों से होता हुआ दूध उपभोक्ता तक पहुंचता है। ऐसे में किसी भी स्थान पर मिलावट की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इस तकनीक से दूध उत्पादन केन्द्र, दूध संग्रहण केन्द्र ,परिवहन आदि दूध सप्लाई केन्द्रों पर दूध जांच का उपकरण लगाया जाएगा। जिस में दूध में किसी स्तर पर मिलावट की गई है इस की जांच संभव हो सकेगी। दूध में मिलावट करने वाले की पहचान करना भी आसान होगा।
संस्थान के वैज्ञानिकों ने बताया कि क्षीर स्कैनर को 27 सितम्बर 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्र को समर्पित किया था। गुरुवार को संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में क्यूबॉइड आईओटेक प्रतिनिधि स्मृति उत्कर्ष, रामी काचन , राहुल अग्रवाल,सीरी संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक डा. एसए अकबर,समन्वयक पीसीएस पंचारिया सहित संस्थान के अधिकारियों ने
भाग लिया।


बैंड पर देश भक्ति गीतों की धुनों से गूंजा आसमां
पिलानी. बिरला बालिका विद्यापीठ में इंडियन पब्लिक स्कूल्स कॉन्फ्रेंस आईपीएससी की ओर से अखिल भारतीय बैंडवादन प्रतियोगिता का उद्घाटन गुरुवार को हुआ। तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में बिरला शिक्षण संस्थान निदेशक जनरल एसएस नायर मुख्य अतिथि थे। बीकेबीआईटी निदेशक डा. एसएम प्रसन्ना कुमार ने अध्यक्षता की। संस्थान जनसम्पर्क अधिकारी कर्नल शोकत अली, प्रशासनिक अधिकारी विजय कुमार डालमिया, प्राचार्य कैप्टेन अलोकेश सेन, प्राचार्य संजय श्रीवास्तव एवं प्राचार्य मनोज कुमार गौड़ विशिष्ट अतिथि थे। अतिथियों ने सहशैक्षणिक गतिविधियों की सराहना करते हुए इनमें कॅरियर निर्माण की सलाह दी। इससे पहले विद्यालय प्राचार्य डा. एम. कस्तूरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता के आयोजन पर प्रकाश डाला। बैंड लीडर पल्लवी मलिक ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता की शपथ दिलवाई। प्रतिभागी स्कूलों के बैंड दलों ने देश भक्ति से ओतप्रोत गीतों की धुनों का वादन कर बैंड वादन कला की प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता में पाइन स्कूल हिमाचल,सैनिक स्कूल अमरावती, सैनिक स्कूल कपूरथला, सैनिक स्कूल घोड़ाखेला,मान स्कूल दिल्ली, एलके सिंघानिया स्कूल गोटन,सैनिक स्कूल नगरोटा एवं राजकुमार कॉलेज राजकोट सहित देश भर की ख्यात स्कूलों के विद्यार्थी भाग लें रहे हैं। प्रतियोगिता पाइप बैंड तथा ब्रास आधार पर हो रही है। प्रतियोगिता में कर्नल शोकत अली निरीक्षक है जबकि द्वितीय मेकेनाइज्ड इन्फैन्ट्री बटालयिन के हवलदार भूमिक, हवलदार जीपी हजरा, नायक पुष्पेंद्र पाल एवं फोर मेकेनाइज्ड इन्फैन्ट्री के भूपेन्द्र सिंह निर्णायक है।

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