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सबसे पहले पत्रिका की इस खबर में जानिए झुंझुनूं के कौन से गांव में खुलेगा मेडिकल कॉलेज

rajesh sharma

Publish: Nov 07, 2019 19:19 PM | Updated: Nov 07, 2019 19:19 PM

Jhunjhunu

जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने का सपना जल्द पूरा होने वाला है। शहर के निकट समसपुर गांव में सरकारी मेडिकल खोला जाएगा। इसके लिए जमीन का आवंटन कर दिया गया है।


झुंझुनूं. जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने का सपना जल्द पूरा होने वाला है। शहर के निकट समसपुर गांव में सरकारी मेडिकल खोला जाएगा। इसके लिए जमीन का आवंटन कर दिया गया है।
जिला कलक्टर रवि जैन ने झुंझुनू में नवसृजित राजकीय मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए ग्राम समसपुर में स्थित खसरा नम्बर 365 रकबा 10.64 हैक्टेयर किस्म गै. मु. चारागाह में से छह हैक्टेयर व खसरा नम्बर 366 में से दौ हैक्टेयर कुल आठ हैक्टेयर भूमि की किस्म खारिज कर कॉलेज निर्माण के लिए चिकित्सा विभाग को निशुल्क भूमि का आवंटन किया है। जिला कलक्टर ने चारागाह भूमि की क्षतिपूर्ति के लिए ग्राम लुमास में स्थित बंजड भूमि में से आठ हैक्टेयर भूमि को गोचर (चारागाह) दर्ज करने जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

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यह होगा फायदा
-मेडिकल कॉलेज खुलने से क्षेत्र का विकास होगा। -यहां के मरीजों को जांच व उपचार के लिए बडे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
-विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा मिलने लगेगी।
-फौजी देने वाले जिले में अब डॉक्टर तैयार होंगे।

19 सितम्बर को जारी की थी मंजूरी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय जयपुर ने 19 सितम्बर को झुंझुनूं में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज के लिए जमीन की तलाश शुरू की। झुंझुनूं मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया के नोम्र्स के मुताबिक जिला मुख्यालय पर बीडीके अस्पताल से दस किलोमीटर के दायरे में जमीन का होना जरूरी है।

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बीडीके के पास है 35 बीघा जमीन
एमसीआइ के नोम्र्स के मुताबिक मेडिकल कॉलेज को खोलने के लिए कम से कम सौ बीघा यानि करीब दस हैक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। फिलहाल जिला मुख्यालय स्थित बीडीके अस्पताल की जमीन 35 बीघा है।

तीन सौ बैड का होगा अस्पताल
मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम तीन सौ बैड का अस्पताल होना जरूरी है। फिलहाल बीडीके में ढाई सौ बैड हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल में तीन सौ बैड करने के प्रस्ताव भेज रखे हैं। बीडीके अस्पताल में फिलहाल चिकित्सकों समेत पैरामेडिकल समेत 330 का स्टाफ कार्यरत हैं। इनमें 70 चिकित्सक और 260 पैरामेडिकल स्टाफ कार्यरत है।

एमसीआइ देगा एनओसी

मेडिकल कॉलेज खोलने की लंबी प्रक्रिया होती है। जमीन आवंटित होने के बाद तय नियमों के अनुसार एमसीआइ की टीम इसका निरीक्षण करेगी। सबकुछ सही पाए जाने के बाद एनओसी दी जाएगी।

नवलगढ़ विधायक ने उठाई थी मांग
पिछली कांग्रेस सरकार में नवलगढ़ विधायक डॉ राजकुमार शर्मा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री थे। उस समय उन्होंने झुंझुनूं में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग उठाई थी। बाद में सरकार बदल गई। अब वापस कांग्रेस की सरकार आने पर फिर से विधायक ने कॉलेज की मांग उठाई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज खोलने की पक्रि या तेज होने लगी है।

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