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आठ नवम्बर से गूंजेगी शहनाई, विवाह स्थल हुए बुक

Gunjan Shekhawat

Publish: Nov 06, 2019 11:49 AM | Updated: Nov 06, 2019 11:49 AM

Jhunjhunu

jhunjhunu news: झुंझुनूं. अंचल में अब शादी की खरीदारी शुरू हो गई है। चार महीने के बाद भगवान विष्णु के शयन से जागने के बाद आठ नवम्बर को देव उठनी एकादशी के साथ ही शादी का दौर शुरू हो जाएगा। आठ नवम्बर से जिले में शादी की शहनाइयां गूंजने लगेगी। देव उठनी एकादशी को तुलसी-शालिग्राम का विवाह भी होगा।

झुंझुनूं. अंचल में अब शादी की खरीदारी शुरू हो गई है। चार महीने के बाद भगवान विष्णु के शयन से जागने के बाद आठ नवम्बर को देव उठनी एकादशी के साथ ही शादी का दौर शुरू हो जाएगा। आठ नवम्बर से जिले में शादी की शहनाइयां गूंजने लगेगी। देव उठनी एकादशी को तुलसी-शालिग्राम का विवाह भी होगा।
इस दिन अबुझमुहूर्त होने के कारण शादियों की ज्यादा धूम होगी। इस दिन को लेकर सभी विवाह स्थल, वाहन, बैंड-बाजे आदि बुक हो चुके हैं। इस साल में नवम्बर व आधे दिसम्बर में पाणिग्रहण संस्कार के श्रेष्ठ मुहुर्त रहेंगे। मलमास लगने के बाद एक महीने तक विवाह नहीं होंगे।

सजने लगे दूल्हा-दुल्हन
शादी के मौके पर अब कपड़ों, ज्वैलरी, ब्यूटी पार्लर, शेरवानी आदि दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ लगनी शुरू हो चुकी है। शहर के नेहरू बाजार में टीबड़ेवाला मार्केट में स्थित साफा-शेरवानी की दुकान पर शादी के दूल्हे शेरवानी साफा पसंद करते नजर आए। दुकान संचालक गोविंद बंसल ने बताया कि इस बार जोधपुरी, साइड कटिंग की ज्यादा मांग है। वहीं रेडिमेड साफे की मांग है। कई लोग अपनी पसंद की शेरवानी भी तैयार करवा रहे हैं।

आंवला नवमी पर की पूजा, सुनी कथा


झुंझुनूं. आवंला नवमी पर मंगलवार को जिले भर में धार्मिक कार्यक्रम हुए। महिलाओं ने आंवले की पूजा की। जिला मुख्यालय पर स्थित विभिन्न मंदिरों में महिलाओं ने आंवले के पौधे की पूजा-अर्चना कर कथा सुनी। शहर के बावलियों की बगीची सहित रघुनाथजी के मंदिरो में धार्मिक कार्यक्रम हुए।

चिड़ावा. आंवला नवमी पर आंवले के वृक्ष की पूजा की गई। महिलाओं ने आंवले के पेड़ को श्रीहरि का स्वरूप मानकर पूजन किया। महिलाओं ने आंवला नवमी की कथा सुनी और वृक्ष की परिक्रमा की। परिवार में सुख-समृद्धि कामना की। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु कार्तिक शुक्ल नवमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा की तिथि तक आंवले के पेड़ पर निवास करते हैं। अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के अतिरिक्त भगवान विष्णु की भी विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।


पचलंगी. कार्तिक स्न्नान महोत्सव के तहत मंगलवार को आंवला नवमी मनाई गई। इस अवसर पर महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ आंवले की पूजा की। कस्बे के गोपीनाथ मंदिर, गोपालजी मंदिर में कई धार्मिक आयोजन हुए।

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